गोरखपुर , मई 13 -- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 16 मई को पूर्वांचल के पहले और प्रदेश के चौथे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का भूमि पूजन एवं शिलान्यास करेंगे। आधिकारिक सूत्रों ने बुधवार को बताया कि गोरखपुर-वाराणसी राजमार्ग पर स्थित ताल नदोर में बनने वाला यह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम 392.94 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया जाएगा। निर्माण कार्य के लिए पहली किश्त के रूप में 63.39 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। साथ ही एलाइनमेंट, मिट्टी भराई, लेवलिंग और भारी निर्माण उपकरणों की स्थापना का कार्य भी शुरू हो गया है।
सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट्स में शामिल यह स्टेडियम गोरखपुर को अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों और विश्वस्तरीय स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर के नए केंद्र के रूप में पहचान दिलाएगा। वर्तमान में उत्तर प्रदेश में कानपुर और लखनऊ में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम मौजूद हैं, जबकि वाराणसी में निर्माण कार्य चल रहा है। गोरखपुर इसका चौथा केंद्र बनेगा।
उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप पर्याप्त भूमि उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन ने गोरखपुर-वाराणसी फोरलेन मार्ग पर ताल नदोर क्षेत्र में भूमि चिन्हित की थी। कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग ने स्टेडियम निर्माण कार्य को 23 दिसंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
करीब 46 एकड़ क्षेत्रफल में बनने वाले इस स्टेडियम की दर्शक क्षमता लगभग 30 हजार होगी। "ग्राउंड प्लस टू फ्लोर" मॉडल पर बनने वाले स्टेडियम में खिलाड़ियों के लिए सात प्लेइंग पिच और चार प्रैक्टिस पिच बनाई जाएंगी। पूर्वी और पश्चिमी स्टैंड में 14-14 हजार 490 दर्शकों के बैठने की व्यवस्था होगी। नॉर्थ पैवेलियन मीडिया के लिए तथा साउथ पैवेलियन विशिष्ट अतिथियों के लिए निर्धारित रहेगा।
रात्रिकालीन मैचों के आयोजन के लिए अंतरराष्ट्रीय मानक की चार हाईमास्ट लाइटें भी लगाई जाएंगी। क्रिकेट के अलावा यहां अन्य बड़े आयोजन भी कराए जा सकेंगे। स्टेडियम की कनेक्टिविटी को भी बेहद सुविधाजनक बताया जा रहा है। यह स्थल गोरखपुर एयरपोर्ट से लगभग 24 किलोमीटर तथा रेलवे स्टेशन से करीब 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, जिससे खिलाड़ियों और दर्शकों के लिए यहां पहुंचना आसान होगा।
जिलाधिकारी दीपक मीणा ने कहा कि ताल नदोर में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम बनने से गोरखपुर-वाराणसी राजमार्ग क्षेत्र में बहुआयामी विकास को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र में पहले से पशु चिकित्सा महाविद्यालय और वृहद कान्हा गोशाला का निर्माण भी चल रहा है। इससे व्यापार, सेवा क्षेत्र और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
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