जयपुर , फरवरी 10 -- उत्तर-पश्चिम रेलवे में वर्ष 2026-27 में 350 किलोमीटर से अधिक अवसंरचना के कार्य पूरे करने का लक्ष्य हैं, वहीं इस वर्ष अब तक 94 किलोमीटर नयी लाइन एवं दोहरीकरण के कार्य पूर्ण कर लिये गये है, जबकि वर्ष 2024-25 में 70 किलोमीटर निर्माण परियोजनाओं को पूरा किया गया। उत्तर-पश्चिम रेलवे के सूत्रों के अनुसार वर्ष 2025-26 में रेलवे के अवसंरचना कार्यों के लिए पर्याप्त बजट प्रदान किया गया है और उत्तर-पश्चिम रेलवे पर रेल विकास के लिए अनेक कार्य प्रगति पर है। नयी लाइन, दोहरीकरण और गेज परिवर्तन के कार्य तेजी से पूरे किये जा रहे हैं। इस वर्ष अभी तक 94 किलोमीटर नयी लाइन एवं दोहरीकरण के कार्य पूरे किये गये है, तथा आगामी मार्च तक 29 किलोमीटर का कार्य और पूर्ण कर लिया जायेगा। वर्ष 2026-27 में 350 किलोमीटर से अधिक नयी लाइन, दोहरीकरण और गेज परिवर्तन के कार्य पूरे करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

वर्ष 2026-27 में रेलवे को अभी तक का सबसे अधिक रिकार्ड 2.78 लाख करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया गया है और इसमें राजस्थान के लिए वर्ष 2026-27 के बजट में पहली बार 10 हजार करोड़ रुपए से अधिक 10 हजार 228 करोड़ रुपये प्रदान किये गये है। इससे उत्तर-पश्चिम रेलवे के निर्माण परियोजनाओं की प्रगति में कोई बाधा उत्पन्न नहीं होगी।

उत्तर-पश्चिम रेलवे में जयपुर-सवाई माधोपुर दोहरीकरण, आरडीएसओ डेडीकेटेड टेस्ट ट्रैक, तरंगा हिल-आबु रोड़ नयी लाइन सहित लगभग 1500 किलोमीटर से अधिक के नयी लाइन, दोहरीकरण और गेज परिवर्तन के कार्य प्रगति पर है और अनुपगढ़-बीकानेर नयी लाइन, रास-बिलाड़ा नयी लाइन, बठिंडा-हनुमानगढ़-सुरतगढ़-बीकानेर दोहरीकरण सहित 1500 किलोमीटर से अधिक के कार्य स्वीकृति के विभिन्न चरणों में है। इसके साथ ही बीकानेर बाईपास, खाटू श्यामजी-सालासर-सुजानगढ़ नयी लाइन, देवगढ़-मदारिया-मारवाड़ सहित 2000 किलोमीटर से अधिक के नयी लाइन और दोहरीकरण केसर्वें प्रगति पर है।

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