जयपुर , नवंबर 01 -- उत्तर पश्चिम रेलवे ने गत अक्टूबर में माल परिवहन एवं परिचालन के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रदर्शन कर माल ढुलाई, मालभाड़ा आय, जोनल इंटरचेंज, लोको उपयोगिता एवं वैगन परिचालन सहित विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की गई हैं।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार अक्टूबर में उत्तर पश्चिम रेलवे द्वारा कुल 2.806 मिलियन टन माल ढुलाई किया गया जो निर्धारित लक्ष्य से 2.6 प्रतिशत तथा गत वर्ष के इसी महीने की तुलना में 14.9 प्रतिशत अधिक है। यह अक्टूबर में अब तक का सर्वाधिक माल ढुलाई है। इससे पूर्व अक्टूबर 2021 में 2.66 मिलियन टन माल ढुलाई का रिकॉर्ड था।
इसके अतिरिक्त वित्त वर्ष 2026-27 में अक्टूबर तक कुल माल ढुलाई 19.09 मिलियन टन रहा जो अब तक का सर्वाधिक माल ढुलाई है। इसने वर्ष 2022-23 में अक्टूबर तक दर्ज 18.7 मिलियन टन के पिछले रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया है।
अक्टूबर में माल ढुलाई से उत्तर पश्चिम रेलवे को 342.9 करोड़ रुपये की आय प्राप्त हुई, जो गत वर्ष के इसी माह की तुलना में 14 प्रतिशत अधिक है। यह उपलब्धि माल परिवहन सेवाओं के प्रभावी प्रबंधन एवं बेहतर परिचालन समन्वय को दर्शाती है।
अक्टूबर में जोनल इंटरचेंज का औसत 319 ट्रेन प्रतिदिन रहा, जो निर्धारित लक्ष्य से 18.1 प्रतिशत तथा गत वर्ष की तुलना में 13.9 प्रतिशत अधिक है। वित्त वर्ष 2026-27 में अब तक का सर्वाधिक दैनिक इंटरचेंज गत आठ अक्टूबर को 354 ट्रेन दर्ज किया गया, जिसमें 173 ट्रेन टेकिंग ओवर तथा 181 ट्रेन हैंडिंग ओवर शामिल हैं। इसी दिन वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पर भी अब तक का सर्वाधिक 154 ट्रेन का दैनिक इंटरचेंज दर्ज किया गया, जिसमें 75 ट्रेन टेकिंग ओवर तथा 79 ट्रेन हैंडिंग ओवर शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त अक्टूबर में किशनगढ़ बालावास इंटरचेंज के अंतर्गत 1486 ट्रेन का मासिक रिकॉर्ड दर्ज किया गया, जिसमें 744 ट्रेन टेकिंग ओवर तथा 742 ट्रेन हैंडिंग ओवर शामिल हैं। यह सितंबर में दर्ज 1376 ट्रेन के पिछले रिकॉर्ड से अधिक है।
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