प्योंगयांग , अक्टूबर 19 -- उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन की बहन किम यो जोंग ने सोमवार को दक्षिण कोरिया के साथ सीमा पर स्थिति को 'बेहद अस्थिर' बताते हुए चेतावनी दी कि प्योंगयांग सीमा पर लाउडस्पीकर प्रसारण फिर शुरू करने और अतिरिक्त सामरिक हमलावर क्षमताएं तैनात करने पर विचार कर रहा है।

कोरियाई केंद्रीय समाचार एजेंसी (केसीएनए) की ओर से जारी अंग्रेजी बयान में किम ने दक्षिण कोरियाई सेना पर लापरवाह गतिविधियों के जरिए तनाव बढ़ाने और उत्तर कोरिया की सीमा सुरक्षा को खतरे में डालने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यदि सियोल ने ऐसी गतिविधियां जारी रखीं, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।

श्री किम ने पिछले महीने बारूदी सुरंग विस्फोट में दक्षिण कोरिया के दो सैनिकों के गंभीर रूप से घायल होने की घटना का उल्लेख करते हुए दक्षिण कोरियाई सेना की प्रतिक्रिया की आलोचना की। उत्तर कोरिया ने विस्फोट में अपनी भूमिका से बार-बार इनकार किया है और दक्षिण कोरिया के इस निष्कर्ष को खारिज किया है कि उत्तर कोरिया की ओर से जानबूझकर बिछाई गई बारूदी सुरंगों के कारण विस्फोट हुआ।

श्री किम ने इस घटना को 'गढ़ा हुआ बारूदी सुरंग विस्फोट प्रपंच' करार देते हुए दक्षिण कोरिया पर तनाव को कथित 'रेड लाइन' से आगे ले जाने का आरोप लगाया।

योनहाप समाचार एजेंसी के अनुसार, श्री किम ने दावा किया कि दक्षिण कोरिया ने एक अगस्त से 17 अक्टूबर के बीच 2,870 बार लाउडस्पीकर प्रसारण किए और 201 चेतावनी गोलियां चलाईं।

उन्होंने दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग के प्रशासन की भी आलोचना करते हुए कहा कि उसके कदम पूर्व राष्ट्रपति यून सुक योल के कट्टर रूढ़िवादी शासन से भी आगे निकल गए हैं। यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब ली दोनों कोरियाई देशों के संबंध सुधारने की कोशिश कर रहे हैं।

श्री किम ने सीमा के पास अतिरिक्त सामरिक हमलावर क्षमताएं तैनात करने और लाउडस्पीकर प्रसारण फिर शुरू करने सहित संभावित सैन्य कदमों का उल्लेख किया, हालांकि उन्होंने इनकी विस्तृत जानकारी नहीं दी।

दक्षिण कोरिया ने दोनों देशों के बीच विश्वास बहाल करने के प्रयासों के तहत पिछले वर्ष सीमा पर लाउडस्पीकर प्रसारण बंद कर दिए थे। इसके बाद उत्तर कोरिया ने भी अपने प्रसारण रोक दिए थे।

इस बीच, दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने अमेरिका से अपने सैनिकों का युद्धकालीन संचालन नियंत्रण (ओपीकॉन) जल्द वापस लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि दक्षिण कोरिया के पास अपनी रक्षा की अधिक जिम्मेदारी संभालने के लिए पर्याप्त सैन्य क्षमताएं हैं।

अपने कार्यकाल के 500 दिन पूरे होने के अवसर पर पत्रकारों से बातचीत में ली ने कहा कि किसी दूसरे देश को सैन्य संचालन नियंत्रण सौंपकर उस पर निर्भर रहना अब जारी नहीं रखा जा सकता।

योनहाप के अनुसार, श्री ली प्रशासन का लक्ष्य 2030 में उनका कार्यकाल समाप्त होने से पहले, या संभव हो तो उससे भी पहले, युद्धकालीन संचालन नियंत्रण वापस हासिल करना है।

दक्षिण कोरिया में अमेरिकी सेना के कमांडर जनरल जेवियर ब्रनसन ने कहा कि उत्तर कोरिया के हालिया मिसाइल प्रक्षेपण सहित बदलते घटनाक्रमों के मद्देनजर नियंत्रण हस्तांतरण के लिए नए मानदंडों की आवश्यकता है।

1950-1953 के कोरियाई युद्ध के दौरान दक्षिण कोरिया ने सैन्य संचालन नियंत्रण अमेरिका के नेतृत्व वाली संयुक्त राष्ट्र कमान को सौंप दिया था। उसने 1994 में शांतिकालीन संचालन नियंत्रण वापस हासिल कर लिया, लेकिन युद्धकालीन नियंत्रण अब भी अमेरिका के नेतृत्व वाली संयुक्त सेनाओं की कमान के पास है।

श्री ली ने कहा कि रक्षा क्षमताओं को मजबूत करना और युद्धकालीन संचालन नियंत्रण वापस हासिल करना राष्ट्रीय संप्रभुता के लिए आवश्यक है।

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