जम्मू , मार्च 28 -- उत्तरी कमान के सैन्य कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा ने शनिवार को सैनिकों की पेशेवरता, समर्पण और चुनौतीपूर्ण तथा कठिन परिस्थितियों में भी अपने कर्तव्य के प्रति अटूट निष्ठवान बने रहने को लेकर सराहना की।
जनरल शर्मा ने उत्तरी कमान मुख्यालय की देखरेख में उधमपुर में आयोजित उत्तरी कमान अलंकरण समारोह को संबोधित करते हुए जवानों से अभियान उत्कृष्टता के उच्चतम मानकों को बनाए रखने और भारतीय सेना की परंपराओं तथा मूल्यों को अक्षुण्ण रखने के महत्व पर जोर दिया।
इस दौरान जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ ने ने पुरस्कार विजेताओं के परिवार के सदस्यों को भी बधाई दी, और उनके सहयोग तथा बलिदान को सराहा।
समारोह के दौरान कुल 93 पुरस्कार प्रदान किए गये, जिनमें 52 व्यक्तिगत पुरस्कार और 41 यूनिट प्रशस्ति पत्र शामिल थे। ये पुरस्कार सभी क्षेत्रों में असाधारण साहस, विशिष्ट सेवा और कर्तव्य के प्रति अटूट समर्पण के कार्यों के लिए दिए गये।
समारोह के दौरान दिए गये व्यक्तिगत पुरस्कारों में चार युद्ध सेवा पदक, एक सेना पदक (बार), 37 सेना पदक, एक विशिष्ट सेवा पदक (बार), आठ विशिष्ट सेवा पदक और एक जीवन रक्षा पदक (मरणोपरांत) शामिल थे। इस कार्यक्रम में सेवारत सैन्य अधिकारी, पुरस्कार विजेता और उनके परिवार शामिल हुये, जो सैन्य सेवा के दौरान इन कर्मियों की उत्कृष्ट उपलब्धियों पर सामूहिक गर्व और सम्मान को दर्शाता है।
इस समारोह ने भारतीय सेना के मूल मूल्यों शौर्य, समर्पण और राष्ट्र के प्रति निस्वार्थ सेवा की पुनः पुष्टि की, और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा में इसके कर्मियों और इकाइयों द्वारा दिए गये अनुकरणीय योगदान की याद दिलाई। भारतीय सेना की सबसे अधिक ऑपरेशनल रूप से सक्रिय कमांड होने के नाते, जिसका आदर्श वाक्य 'हमेशा युद्ध के लिए तैयार' है, उत्तरी कमांड विभिन्न क्षेत्रों में पारंपरिक और साथ ही नए ज़माने के खतरों से पूरी दृढ़ता के साथ निपटती है।
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