देहरादून , सितम्बर 07 -- उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस समिति ने सोमवार को हल्द्वानी में पार्टी के कार्यक्रम स्थल के कथित 'शुद्धिकरण' की घटना के विरोध में प्रदेश प्रभारी सैलजा के नेतृत्व में राज्य की भाजपा सरकार के खिलाफ जबरदस्त प्रदर्शन किया।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के आह्वान पर परेड ग्राउंड से बड़ी संख्या में जुटे कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री आवास कूच किया। भारी बारिश के बीच हाथी बड़कला पुलिस चौकी पर ही बैरिकेडिंग लगाकर सभी नेताओं को रोक कर हिरासत में ले लिया गया।

प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा ने कहा कि उत्तराखंड की पहचान आपसी भाईचारे और सामाजिक समरसता से है, न कि नफरत और भेदभाव से। भाजपा को स्पष्ट करना होगा कि वह संविधान और लोकतंत्र के साथ खड़ी है या समाज को बांटने वाली ताकतों के साथ।

श्री गणेश गोदियाल ने कहा कि हल्द्वानी में हुआ 'शुद्धिकरण' लोकतंत्र और उत्तराखंड की सामाजिक चेतना पर हमला है। कांग्रेस किसी भी कीमत पर धर्म और जाति के नाम पर समाज को बांटने की राजनीति को स्वीकार नहीं करेगी और इसके खिलाफ संघर्ष जारी रखेगी।

विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि राज्य की धरती पर किसी व्यक्ति या राजनीतिक दल को 'शुद्ध' और 'अशुद्ध' बताने की मानसिकता संविधान की मूल भावना के खिलाफ है। सरकार को इस मामले में अपनी चुप्पी तोड़कर जवाब देना चाहिए। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि भाजपा की राजनीति अब विकास के सवालों से हटकर समाज में विभाजन पैदा करने तक पहुंच गई है। हल्द्वानी की घटना उत्तराखंड की गंगा-जमुनी और समरस संस्कृति का अपमान है।

चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड को नफरत और भेदभाव की प्रयोगशाला नहीं बनने दिया जाएगा। जनता भाजपा की इस विभाजनकारी राजनीति का जवाब लोकतांत्रिक तरीके से देगी।

केंद्रीय कार्यसमिति सदस्य एवं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करण माहरा ने कहा कि कांग्रेस के कार्यक्रम स्थल का 'शुद्धिकरण' करना भाजपा की उस सोच को उजागर करता है, जो राजनीतिक विरोध को सामाजिक वैमनस्य में बदलना चाहती है। कांग्रेस संविधान और सामाजिक बराबरी के लिए मजबूती से खड़ी है। राष्ट्रीय महासचिव एवं केंद्रीय कार्यसमिति सदस्य सदस्य गुरदीप सिंह सप्पल ने कहा कि लोकतंत्र में विचारों का विरोध हो सकता है, लेकिन किसी राजनीतिक कार्यक्रम को 'अशुद्ध' बताना लोकतांत्रिक मूल्यों का अपमान है। कांग्रेस इस मानसिकता के खिलाफ हर मंच पर आवाज उठाएगी।

विधानसभा में उप नेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी ने कहा पर कि हल्द्वानी की घटना ने उत्तराखंड की राजनीति में भाजपा की विभाजनकारी सोच को बेनकाब किया है। सरकार को बताना चाहिए कि दोषियों के खिलाफ अब तक क्या कार्रवाई हुई। विधायक विक्रम सिंह नेगी ने कहा कि उत्तराखंड के लोग भाईचारे और शांति में विश्वास रखते हैं। 'शुद्धिकरण' जैसी घटनाएं देवभूमि की संस्कृति को कलंकित करती हैं और कांग्रेस इन्हें कतई स्वीकार नहीं करेगी। इनके अलावा पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल एवं जीतराम ने भी परेड ग्राउंड में हुई सभा को संबोधित किया।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह विरोध केवल हल्द्वानी की एक घटना के खिलाफ नहीं, बल्कि उस मानसिकता के खिलाफ है जो राजनीतिक असहमति को जाति, धर्म और कथित शुद्ध-अशुद्ध के पैमाने पर तौलना चाहती है। कांग्रेस ने कहा कि संविधान हर नागरिक को समान अधिकार और सम्मान देता है तथा उत्तराखंड में सामाजिक सौहार्द के साथ कोई खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा।

इस दौरान नेताओं ने बढ़ते महिला अपराध, युवाओं में बेरोजगारी एवं भर्ती परीक्षाओं की अनियमितताओं, किसानों की समस्याओं, जमीनों की अनियंत्रित नीलामी और बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर भी भाजपा सरकार को घेरा। नेताओं ने स्पष्ट किया कि हल्द्वानी 'शुद्धिकरण' प्रकरण में न्याय और दोषियों पर कार्रवाई होने तक उसका संघर्ष जारी रहेगा। साथ ही जनहित से जुड़े अन्य मुद्दों को लेकर भी कांग्रेस सड़क से सदन तक जनता की आवाज बुलंद करती रहेगी।

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