टिहरी , मई, 31 -- उत्तराखंड में लखवाड़ बहुउद्देशीय परियोजना (300 मेगावाट) क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और परियोजना कार्यों के सुचारु संचालन को सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस)-2023 की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है।
धनोल्टी की उप जिला मजिस्ट्रेट नीलू चावला द्वारा जारी यह आदेश रविवार को तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है और आगामी छह माह तक प्रभावी रहेगा।
प्रशासन के अनुसार परियोजना क्षेत्र में कुछ व्यक्तियों एवं संगठनों द्वारा धरना-प्रदर्शन, जुलूस, नारेबाजी, मार्ग अवरोध और कार्यस्थलों पर अनधिकृत प्रवेश जैसी गतिविधियों की संभावना को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। आदेश का उद्देश्य क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखना तथा किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति को रोकना है।
जारी निर्देशों के तहत परियोजना के सभी कार्यस्थलों से 500 मीटर की परिधि में पांच या उससे अधिक व्यक्तियों के एकत्र होने, बिना अनुमति धरना-प्रदर्शन करने, जुलूस निकालने और नारेबाजी करने पर प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा ध्वनि विस्तारक यंत्रों के प्रयोग तथा हथियार, ज्वलनशील पदार्थ या अन्य आपत्तिजनक सामग्री लेकर चलने की भी अनुमति नहीं होगी।
प्रशासन ने परियोजना स्थल, कार्यालयों, आवासीय परिसरों और निर्माण क्षेत्रों में अनधिकृत प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है। साथ ही परियोजना की मशीनरी, वाहनों और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं ठेकेदारों के कार्य में बाधा उत्पन्न करने तथा सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से अफवाह या भड़काऊ सामग्री प्रसारित करने पर भी रोक लगाई गई है।
हालांकि स्थानीय निवासियों को अपने घरों में आने-जाने तथा कृषि कार्यों के लिए सामान्य और शांतिपूर्ण आवाजाही की छूट दी गई है, लेकिन उन्हें प्रशासन द्वारा निर्धारित सभी शर्तों एवं निर्देशों का पालन करना होगा।
उप जिला मजिस्ट्रेट ने कहा है कि निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता तथा अन्य प्रासंगिक कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
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