नैनीताल , फरवरी 20 -- उत्तराखंड में उच्च न्यायालय समेत सभी अदालतों की सुरक्षा अभेद्य होगी। बिना पहचान पत्र के कोई भी प्रवेश नहीं कर पाएगा।
पिछले कुछ दिनों से बम विस्फोटक को लेकर मिल रही धमकी के मद्देनजर पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर यह कदम उठाया गया हैं। पुलिस मुख्यालय की ओर से प्रदेश के सभी जनपदों में न्यायालय परिसरों का व्यापक सुरक्षा ऑडिट कराकर कमियों के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए गए थे। इसी क्रम में अब सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने हेतु नए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, जिनका कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।
इसी के तहत निर्णय लिया गया है कि सभी न्यायालय परिसरों में पर्याप्त संख्या में पुलिस एवं पीएसी बल की तैनाती की जाएगी। न्यायालय परिसरों खासकर उच्च न्यायालय में प्रवेश पहचान पत्र या हाईकोर्ट बार की संस्तुति पर दिया जा सकेगा। इसके साथ ही बैरियर लगाकर एक्सेस कंट्रोल व्यवस्था तथा आगंतुकों की प्रभावी स्क्रीनिंग की जाएगी।
यह भी निर्णय लिया गया है कि न्यायालय परिसरों में त्वरित प्रतिक्रिया टीम की तैनाती की जाएगी। न्यायालय की कार्यवाही प्रारंभ होने से पूर्व बम निरोधक दस्ते और श्वान दस्ता (डॉग स्क्वाड) से जांच सुनिश्चित की जाएगी। सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी बढ़ाई जाएगी। लगातार पैट्रोलिंग के साथ ही ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों की समय-समय पर जांच के भी निर्देश दिए गए हैं।
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