रूद्रपुर , जून 4 -- उत्तराखंड में फर्जी शस्त्र लाइसेंसों के जरिए हथियार खरीदने के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। उत्तराखंड पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने अब तक के सबसे बड़े फर्जी शस्त्र लाइसेंस मामले का पर्दाफाश किया है।
जांच में उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर से जारी दिखाए गए 10 शस्त्र लाइसेंस फर्जी पाए गए हैं, जिनके आधार पर काशीपुर के गन हाउस से हथियार खरीदे गए थे।
एसटीएफ की ओर से गुरुवार को इस मामले का खुलासा करते हुए बताया गया कि फर्जी लाइसेंस से शस्त्र खरीदने के संबंध में गोपनीय सूचना मिली थी। इसके बाद एसटीएफ की ओर से लगभग दो माह से बाहरी राज्यों से उत्तराखंड में स्थानांतरित हुए हजारों शस्त्र लाइसेंसों का गोपनीय सत्यापन किया जा रहा है। इसी दौरान यह बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया।
जांच में सामने आया कि नौशाद हुसैन सहित 10 लोगों ने शाहजहांपुर (उत्तर प्रदेश) से जारी दर्शाए गए लाइसेंसों के आधार पर काशीपुर स्थित गन हाउस से हथियार खरीदे थे। एसटीएफ ने लाइसेंस, शस्त्र खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों की जांच कराई तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।
शाहजहांपुर के जिलाधिकारी कार्यालय से सत्यापन में स्पष्ट हुआ कि संबंधित व्यक्तियों के नाम से कोई शस्त्र लाइसेंस जारी ही नहीं किए गए हैं। इतना ही नहीं, जिन लाइसेंस नंबरों का इस्तेमाल किया गया, वे वास्तव में दूसरे लोगों के नाम पर जारी पाए गए। इससे पूरे दस्तावेज प्रथम दृष्टया फर्जी और कूटरचित साबित हुए।
एसटीएफ जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से अपने आधार कार्ड और अन्य दस्तावेजों में शाहजहांपुर का पता दर्शाया। इसके बाद कथित रूप से फर्जी दस्तावेज तैयार कराकर शस्त्र लाइसेंस बनवाए गए और उन्हीं के आधार पर हथियार खरीदे गए।
एसटीएफ का मानना है कि यह कोई अकेला मामला नहीं बल्कि एक संगठित नेटवर्क का हिस्सा है जिसमें एजेंट, बिचौलिए और अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं। एसटीएफ ने कोतवाली काशीपुर कोतवाली में धोखाधड़ी, कूटरचना, फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल और आपराधिक षड्यंत्र से जुड़ी धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है। नामजद और वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एसटीएफ कुमाऊं और ऊधम सिंह नगर पुलिस की संयुक्त टीम गठित कर दी गई है।
एसटीएफ की ओर से इसी अभियान के तहत पहले भी फर्जी शस्त्र लाइसेंस से जुड़े दो मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं। उन मामलों में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। एक आरोपी के पास से फर्जी लाइसेंस, अवैध सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल और कारतूस भी बरामद हुए थे।
एसएसपी एसटीएफ ने कहा कि उत्तराखंड में बाहरी राज्यों से स्थानांतरित होकर आए हजारों शस्त्र लाइसेंसों की जांच अभी जारी है। जांच के दौरान जो भी लाइसेंस संदिग्ध या फर्जी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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