देहरादून/विकासनगर , मई 31 -- उत्तराखंड के देहरादून जनपद अंतर्गत विकासनगर में रविवार को जन संघर्ष मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएनवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने उच्च न्यायालय के आदेशों के बावजूद पॉलिटेक्निक कालेजों में प्रवक्ताओं के रिक्त पदों की भर्ती प्रक्रिया शुरू ना होने पर आक्रोश के साथ चिन्ता व्यक्त की है।
श्री नेगी ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि प्रदेश भर के पॉलिटेक्निक कॉलेजों में 200 से अधिक प्रवक्ताओं के पद रिक्त हैं। जिनमें सिविल इंजीनियरिंग के लगभग 81 पद, इलेक्ट्रिकल के 54, मैकेनिकल के 52 व फार्मेसी के 39 पद वर्तमान में रिक्त हैं। इसके बावजूद युवाओं के भविष्य के बारे में सोचने वाला कोई नहीं है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 में सरकार द्वारा 200 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञप्ति जारी की थी। जिसमें अर्हता बीटेक निर्धारित की गई। इसके बाद मार्च 2025 में परीक्षा आयोजित की गई लेकिन परीक्षा होने से पहले ही उच्च न्यायालय द्वारा इस निर्देश के साथ रोक लगा दी गई कि एआईसीटीई के प्रावधानों के तहत प्रवक्ता पद पर एम.टेक योग्यता होना जरूरी है।
श्री नेगी ने बताया कि न्यायालय ने शीघ्र इस मामले में नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने के लिए सरकार को विज्ञप्ति जारी करने के निर्देश दिए थे। एक साल से अधिक समय बीतने के बावजूद सरकार इस मामले में कोई निर्णय नहीं ले पाई। न ही कैबिनेट में भर्ती प्रक्रिया मामले में योग्यता बीटेक अथवा एमटेक निर्धारित करने संबंधी कोई बिल ला पाई।
उन्होंने दावा किया कि बहुत जल्द वर्तमान में कार्यरत प्रवक्ताओं की पदोन्नति होने वाली है, ऐसे में गिनती के प्रवक्ता रह जाएंगे। उन्होंने इसे दुर्भाग्य की बात बताते हुए इतने गंभीर मामले में आज तक कोई निर्णय न लेने को निवर्तमान तकनीकी शिक्षा मंत्री के फेलियर होने का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान तकनीकी शिक्षा मंत्री भी आज तक इस मामले में कोई समीक्षा बैठक नहीं कर पाए। उन्होंने कहा कि जन संघर्ष मोर्चा इस मामले में शीघ्र ही शासन से बातचीत करेगा।
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