रामनगर 14अप्रैल (वार्ता) उत्तराखंड में रामनगर के तराई पश्चिमी वन प्रभाग की बेलपड़ाव रेंज में गश्त के दौरान वन कर्मियों को मंगलवार सुबह एक बाघ घायल अवस्था में दिखाई दिया। सूचना पर पहुचीं वन्यजीव चिकित्सकों की टीम ने बाघ को बचाव केंद्र में छोड़ दिया, जहां बाघ का उपचार किया जा रहा है। उपचार के बाद बाघ को वापस जंगल में आजाद किया जाएगा।
तराई पश्चिमी वन प्रभाग की बेलपड़ाव रेंज स्थित गेबुआ बीट से मंगलवार को वन्यजीव चिकित्सकों की टीम ने घायल बाघ को ट्रैंकुलाइज कर उपचार के लिए ढेला बचाव केंद्र में भेजा है। आपसी संघर्ष में बाघ के शरीर से चोट के कई निशान मिले हैं। कुमाऊं चीफ डॉ साकेत बडोला ने बताया कि गैबुआ वन क्षेत्र में गश्त टीम को एक बाघ घायल अवस्था में दिखाई दिया था।
बताया कि टीम ने बाघ को ट्रैंकुलाइज किया। इसके बाद उसे उपचार के लिए ढेला बचाव केंद्र में भेजा गया है। बताया कि बाघ के शरीर में दो से तीन दिन पुराने चोट के निशान मिले हैं। बाघ के अगले पैर और गर्दन के पिछले हिस्से में कई जगह चोट लगी है। शरीर में गभीर संक्रमण फैल जिसके उपचार के लिए बाघ को ढेला स्थित रेस्क्यू सेंटर में रखा गया है। बाघ की उम्र सात से आठ साल के आसपास होगी। बताया कि कुछ सप्ताह पूर्व एक बाघ की आपसी संघर्ष में घायल होकर उपचार के दौरान संक्रमण से मौत हो चुकी है।
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