नैनीताल , अगस्त 12 -- उत्तराखंड सरकार ने बुधवार को बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए उत्तराखंड उच्च न्यायालय को नैनीताल से हल्द्वानी स्थानांतरित करने के संबंध में स्वीकृति प्रदान कर दी है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार अब उच्च न्यायालय कॉमप्लेकस का निर्माण हल्द्वानी के लामाचौड़ क्षेत्र में किया जाएगा। इस संबंध में प्रमुख सचिव न्याय एवं विधि परामर्शी अमित कुमार सिरोही द्वारा लोक निर्माण विभाग के सचिव (नोडल अधिकारी) को पत्र भेजकर आगे की प्रक्रियात्मक कार्यवाही शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।

शासनादेश के अनुसार हल्द्वानी में तराई पूर्वी वन प्रभाग रुद्रपुर के भाखड़ा रेंज अंतर्गत लामाचौड़ बलॉक में स्थित कुल 73 हेकटेयर वन भूमि में से 30 हेक्टेयर भूमि उच्च न्यायालय कॉमप्लेकस के लिए हस्तांतरित की जाएगी। यह भूमि हल्द्वानी-रुद्रपुर राजमार्ग संख्या-०5 से लगी हुई है और बेल बाबा मंदिर के पास प्लॉट संखया 46 (36 हेक्टेयर) तथा 47 (37 हेक्टेयर) के अंतर्गत आती है।

इससे पूर्व में 06 जून 2023 को गौलापार में 26.08 हेक्टेयर भूमि में हाईकोर्ट स्थापित करने की सैद्धांतिक/प्रशासनिक स्वीकृति दे दी गई थी जिसे अब संशोधित करते हुए लामाचौड़ में स्थापित करने का अंतिम निर्णय लिया गया है।

उच्च न्यायालय के महानिबंधक और नैनीताल के जिलाधिकारी की निरीक्षण आख्या के आधार पर लामाचौड़ स्थित भूमि को हाईकोर्ट परिसर के लिए सर्वथा उपयुक्त माना गया था। इस निर्णय से अब हल्द्वानी में एक वृहद और आधुनिक न्यायिक परिसर के निर्माण का मार्ग पूरी तरह से मार्ग प्रशस्त हो गया है।

शासन द्वारा जारी आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि हल्द्वानी में नए स्थान पर उच्च न्यायालय का संचालन शुरू होने के बाद नैनीताल स्थित मौजूदा संपूर्ण न्यायिक परिसर को राज्य सरकार अपने उपयोग में लेगी या इसका अन्य उपयोग किया जाएगा।

न्याय विभाग ने संबंधित सभी विभागों को हस्तांतरण से जुड़ी प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी करने के निर्देश दिए हैं ताकि नए हाईकोर्ट परिसर के निर्माण कार्य को गति दी जा सके।

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