रामनगर , मार्च 12 -- उत्तराखंड के रामनगर में पिछले कुछ दिनों से एलपीजी गैस की किल्लत की खबरों के बीच प्रशासन सक्रिय हो गया है। उपजिलाधिकारी गोपाल सिंह चौहान ने गुरुवार को सभी गैस एजेंसी संचालकों की बैठक लेकर स्थिति की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
बैठक में गैस वितरण व्यवस्था और बुकिंग से जुड़ी समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। उपजिलाधिकारी ने बताया कि रामनगर शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में कुल पांच गैस एजेंसियां संचालित हो रही हैं और सभी एजेंसियों के पास पर्याप्त मात्रा में गैस सिलेंडर उपलब्ध हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि क्षेत्र में गैस की कोई वास्तविक किल्लत नहीं है, बल्कि गैस बुकिंग से जुड़ी तकनीकी समस्या के कारण उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने एजेंसी संचालकों को निर्देश दिया कि वे इंडियन ऑयल कंपनी के नोडल अधिकारी से समन्वय स्थापित कर बुकिंग व्यवस्था में आ रही समस्या का जल्द समाधान कराएं।
श्री चौहान ने बताया कि एक से दो दिन के भीतर बुकिंग से जुड़ी तकनीकी दिक्कत दूर होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि यदि सर्वर से संबंधित समस्या लंबे समय तक बनी रहती है तो मैनुअल व्यवस्था के माध्यम से उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने के लिए जिला पूर्ति अधिकारी और जिलाधिकारी से भी चर्चा की जाएगी।
उपजिलाधिकारी ने आम जनता से अपील किया कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों या बहकावे में न आएं और प्रशासन का सहयोग करें। उन्होंने गैस एजेंसी संचालकों को निर्देशित किया कि गैस सिलेंडरों का वितरण गोदाम से न किया जाए, बल्कि पूर्व की भांति होम डिलीवरी के माध्यम से उपभोक्ताओं के घर तक सिलेंडर पहुंचाया जाए। साथ ही उपभोक्ताओं से भी गोदामों पर भीड़ न लगाने की अपील की गई।
बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि सभी गैस एजेंसियां अपने गैस वितरण वाहनों में जल्द से जल्द जीपीएस सिस्टम लागू करें, ताकि गैस वितरण प्रक्रिया पारदर्शी हो सके और कालाबाजारी पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
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