नैनीताल , मई 19 -- उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह ने मंगलवार को नैनीताल लोक भवन में कुलपतियों के साथ बैठक कर उच्च शिक्षा, शोध, नवाचार और विद्यार्थियों के समग्र विकास से जुड़े विषयों पर विस्तृत चर्चा की।
प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्यपाल से कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. दीवान सिंह रावत, उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहानी तथा सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सतपाल सिंह बिष्ट से मुलाकात की और विश्वविद्यालयों में संचालित शैक्षणिक कार्यक्रमों, शोध गतिविधियों, कौशल विकास, नवाचार और रोजगारोन्मुख शिक्षा से जुड़े प्रयासों की जानकारी दी।
राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुसंधान और रोजगारपरक पाठ्यक्रमों को बढ़ावा देने पर बल देते हुए कहा कि विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप तैयार करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने आधुनिक तकनीक, स्टार्टअप, उद्यमिता और कौशल विकास से युवाओं को जोड़ने पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षा ऐसी होनी चाहिए जिससे छात्र केवल रोजगार तलाशने वाले नहीं, बल्कि रोजगार सृजक भी बन सकें।
यही नहीं उन्होंने विश्वविद्यालयों को समाज से जोड़ने और युवाओं को स्वरोजगार एवं आत्मनिर्भरता के लिए प्रेरित करने हेतु सामुदायिक सहभागिता आधारित गतिविधियों को बढ़ाने के निर्देश दिए। राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालयों का उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व और कौशल का समग्र विकास सुनिश्चित करना होना चाहिए।
बैठक के दौरान राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक रिक्त पदों की स्थिति की समीक्षा करते हुए भर्ती प्रक्रियाओं में पूर्ण पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नियुक्तियां निष्पक्ष और पारदर्शी हों ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।
इसके अलावा राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों में उपलब्ध अवस्थापना सुविधाओं की जानकारी लेते हुए उनके सुदृढ़ीकरण और विस्तार पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए मजबूत आधारभूत सुविधाएं बेहद आवश्यक हैं।
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