देहरादून , जुलाई 16 -- उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में निर्माणाधीन सिलक्यारा टनल में एक कंक्रीट ब्लॉक गिर जाने के कारण एक श्रमिक की मृत्यु हो गई। मृतक की पहचान वेल्डर नरेश गंझू के रूप में हुई है जो झारखंड के बोकारो का रहने वाला था।
जिला आपातकालीन परिचालन केन्द्र से प्राप्त विवरण के अनुसार, एनएचआईडीसीएल सिलक्यारा से दूरभाष पर सूचना मिली कि बुधवार देर रात दो बजे सिलक्यारा टनल के बडकोट की तरफ से 900 मीटर अन्दर टनल की कंक्रीट (शॉटक्रीट) लाइनिंग का एक ब्लॉक टूटकर गिर गया। जिसकी चमेट में आने से झारखं निवासी एक मजदूर की मौत हो गयी है। जिसे निजी एम्बुलेंस के माध्यम से सीएचसी बडकोट पहुँचाया गया, जहाँ चिकित्सक द्वारा उक्त व्यक्ति को मृत घोषित किया गया। तत्पश्चात शव को मॉर्चरी वाहन के माध्यम से सीएचसी नौगांव ले जाया गया, पुलिस द्वारा पंचनामा आदि की कार्रवाई की जा रही है। पंचनामा के उपरांत शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। हादसे में अन्य कोई जनहानि नहीं हुयी है।
मृतक श्रमिक का नाम नरेश गंझू (22) पुत्र खिरोधर गंझू है। वह झारखंड में नारायणपुर के भण्डारा बोकारो के मोचरों का रहने वाला है। जिलाधिकारी ने घटना की गम्भीरता को देखते हुये उप जिलाधिकारी बड़कोट को तत्काल घटना पर पहुंचने के निर्देश दिये। जबकि अपर जिलाधिकारी, बडकोट और एनएचआईडीसीएल द्वारा उक्त प्रकरण की जाँच की जा रही है। टनल का कार्य सुचारू रूप से चल रहा है।
उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व उत्तरकाशी जिले में निर्माणाधीन सिल्क्यारा-बड़कोट सुरंग में 12 नवंबर 2023 को सुरंग का एक हिस्सा ढह जाने से 41 श्रमिक भीतर फंस गए थे। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों की मदद से सेना, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल, राज्य आपदा मोचन बल , सीमा सड़क संगठन तथा अन्य एजेंसियों ने संयुक्त बचाव अभियान चलाया। कई तकनीकी बाधाओं के बाद अंततः 28 नवंबर 2023 को 'रैट-होल माइनिंग' तकनीक की सहायता से सभी 41 श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। यह अभियान 17 दिन तक चला। इसे देश के सबसे चुनौतीपूर्ण तथा सफल बचाव अभियानों में से एक माना जाता है।
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