बदरीनाथ , सितंबर 16 -- कन्या संक्रांति के पावन अवसर पर बदरीनाथ धाम से करीब 55 किमी दूर भारत-चीन सीमा से लगे उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित श्रीदेवताल-माणा पास सीमादर्शन लोकयात्रा गुरुवार को आयोजित की जाएगी।

समुद्र तल से 18,500 फीट की ऊंचाई पर होने वाली इस यात्रा के संयोजक डॉ. सुभाष चंद्र थलेडी ने बुधवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि चमोली जिला प्रशासन ने इस वर्ष करीब डेढ़ दर्जन तीर्थ यात्रियों के लिए इनर लाइन परमिट जारी किए हैं। यात्रा में शामिल होने वाले सभी तीर्थ यात्री बदरीनाथ धाम पहुंच चुके हैं।

उन्होंने बताया कि 1962 के बाद सीमावर्ती क्षेत्र आम लोगों की आवाजाही के लिए बंद था लेकिन उत्तराखंड के पूर्व कैबिनेट मंत्री मोहन सिंह रावत 'गांववासी' के प्रयासों के बाद 2015 में जिला प्रशासन एवं सेना की अनुमति से सीमित संख्या में यात्रियों के साथ यात्रा पुनः शुरु की गई। तब से यह हर वर्ष आयोजित की जा रही है।

डॉ थलेडी ने बताया कि धार्मिक एवं सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण देवताल सरोवर माणा दर्रे और भारत-चीन सीमा क्षेत्र के निकट स्थित है। धार्मिक मान्यता है कि देवता यहां स्नान करते हैं और यहीं से सरस्वती नदी का उद्गम भी है। इस वर्ष यात्रा भाद्रपद शुक्ल पक्ष में कन्या संक्रांति के अवसर पर आयोजित की जा रही है।

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