नैनीताल , अगस्त 25 -- उत्तराखंड में पंचायती राज अधिनियम के तहत प्रस्तावित सभी उप चुनाव मानसून खत्म होने के बाद होंगे।
सरकार की ओर से यह वक्तव्य मंगलवार को उच्च न्यायालय में दिया गया। अदालत ने सरकार के वक्तव्य को रिकार्ड में लेने के साथ ही याचिका को निस्तारित कर दिया।
इस मामले को याचिकाकर्ता दीपक करगेती की ओर से चुनौती दी गई थी। न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की पीठ में इस प्रकरण पर सुनवाई हुई।
याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि जिला अल्मोड़ा के विकास खंड भिकियासैंण के ब्लॉक प्रमुख की मृत्यु के सात महीने बाद भी ब्लॉक प्रमुख के उपचुनाव नहीं कराये जा रहे हैं जबकि नियमावली के अनुसार छह माह के भीतर चुनाव हो जाने चाहिए। उप चुनाव के लिए वह जिलाधिकारी को भी प्रत्यावेदन सौंप चुके हैं। डीएम की ओर से भी प्रदेश सरकार को उपचुनाव का प्रस्ताव भेजा गया है।
दूसरी ओर प्रत्युत्तर में राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से कहा गया कि कई पद रिक्त हैं और इन पर उपचुनाव होने हैं और मानसून सीजन में संभव नहीं है। मानसून खत्म होते ही उप चुनाव संपन्न करा लिये जायेंगे। आयोग के जवाब से संतुष्टि जताते हुए अंत में पीठ ने याचिका को पूरी तरह से निस्तारित कर दी है।
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