उत्तरकाशी , मई 22 -- उत्तराखंड के उत्तराकाशी जिले में लगातार बढ़ते तापमान और मौसम में हो रहे बदलाव को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने लू (हीट वेव) और डेंगू से बचाव एवं उपचार के लिए विशेष तैयारियां शुरू कर दी हैं। राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत सभी अस्पतालों और स्वास्थ्य इकाइयों को आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बी. एस. रावत ने शुक्रवार को बताया कि हीट वेव से प्रभावित मरीजों के उपचार के लिए जिला चिकित्सालय उत्तरकाशी में 10 बेड तथा उप जिला चिकित्सालय पुरोला में पांच बेड का विशेष लू एवं गर्मीजनित रोग (एचआरआई) वार्ड स्थापित किया जा रहा है। इसके अलावा जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में भी दो-दो बेड आरक्षित किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि इन वार्डों में ओआरएस, आईवी फ्लूड, आवश्यक दवाइयों, कूलिंग व्यवस्था तथा पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। साथ ही लू के मामलों में त्वरित उपचार एवं प्रभावी रेफरल व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
डेंगू की रोकथाम को लेकर भी स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिला चिकित्सालय उत्तरकाशी में 10 बेड, उप जिला चिकित्सालय पुरोला में पांच बिस्तर और सभी पीएचसी/सीएचसी स्तर पर दो-दो बिस्तर के पृथक डेंगू आइसोलेशन वार्ड तैयार किए जा रहे हैं। प्रत्येक वार्ड के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे तथा मच्छरदानी, आवश्यक दवाइयों और मानक उपचार व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि लोग दोपहर 12 बजे से तीन बजे के बीच अनावश्यक रूप से धूप में निकलने से बचें, पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं तथा हल्के और सूती वस्त्र पहनें। बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की भी सलाह दी गई है।
डेंगू से बचाव के लिए घरों के आसपास पानी जमा न होने देने, कूलर एवं पानी की टंकियों की नियमित सफाई करने, पूरी बांह के कपड़े पहनने और मच्छररोधी उपाय अपनाने की सलाह दी गई है।
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