बेंगलुरु , जनवरी 21 -- कर्नाटक कांग्रेस ने इस सप्ताह की शुरुआत में 'पर्याय महोत्सव यात्रा' के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का ध्वज उठाने के लिये बुधवार को उडुपी के उपायुक्त टी के स्वरूप के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। कांग्रेस ने कहा कि यह नौकरी के नियमों और धर्मनिरपेक्षता के संवैधानिक मूल्यों का उल्लंघन है।
जिला कांग्रेस समिति के विधिक एवं मानवाधिकार विभाग के अध्यक्ष हरीश शेट्टी ने मुख्यमंत्री सिद्दारमैया को लिखे एक खत में उपायुक्त के खिलाफ त्वरित जांच एवं कानूनी कार्रवाई की मांग की। पत्र में बताया गया कि यह घटना 18 जनवरी की तड़के तीन बजे की है, जब पर्याय यात्रा को उडुपी शहर के जोडुकट्टे से श्री कृष्ण मठ की ओर ले जाया जा रहा था। पत्र में आरोप लगाया गया कि यात्रा शुरू होने से पहले उडुपी के विधायक यशपाल सुवर्ण ने संघ का ध्वज उपायुक्त को थमा दिया। उन्होंने इस ध्वज को ऊंचा उठाकर वहां मौजूद लोगों के सामने उसे लहराया।
श्री शेट्टी ने कहा कि एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी की ओर से इस तरह का बर्ताव सेवा नियमों के अनुरूप नहीं है और संविधान में मौजूद धर्मनिरपेक्ष मूल्यों को कमज़ोर करता है। उन्होंने श्री सिद्दारमैया से अनुरोध किया कि मामले को गंभीरता से लें और पूर्ण जांच करके कानूनी कार्रवाई शुरू करें।
इस बीच, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता सी टी रवि ने इस पत्र पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस के पक्ष पर सवाल उठाया और उपायुक्त का बचाव करते हुए कहा कि भगवा ध्वज को उठाना या फहराना कोई अपराध नहीं है। उन्होंने कांग्रेस पर हिन्दू-विरोधी मानसिकता रखने का आरोप लगाया।
श्री रवि ने यहां संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि भगवा ध्वज बलिदान और साहस का प्रतीक है। यह करोड़ों लोगों की प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि उपायुक्त ने यह ध्वज उठाकर कुछ गलत नहीं किया। संविधान भी देश की सभ्यता और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है।
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