भोपाल , सितंबर 10 -- मध्यप्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने उज्जैन के खड़े हनुमान मंदिर से जुड़े मामले का समाधान निकालने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखा है। उन्होंने विकास के साथ आस्था का सम्मान बनाए रखते हुए रास्ता निकालने का सुझाव दिया है।
उमा भारती ने गुरुवार को लिखे पत्र में श्रीमती भारती ने कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं उज्जयिनी के हैं और उज्जैन शहर तथा वहां के सभी धार्मिक स्थलों की गरिमा को उनसे बेहतर कोई नहीं समझ सकता। उन्होंने लिखा कि उज्जयिनी के खड़े हनुमान मंदिर के मामले का समाधान मुख्यमंत्री स्वयं भी सोच रहे होंगे।
उन्होंने कहा कि इस मामले में ऐसा रास्ता निकाला जाना चाहिए, जिससे विकास के साथ आस्था का सम्मान भी बना रहे। उन्होंने भोपाल के कमलापति पार्क के आगे सड़क चौड़ीकरण का उदाहरण देते हुए पत्र में लिखा कि तत्कालीन शिवराज सिंह चौहान सरकार के समय सड़क चौड़ीकरण के दौरान वहां मस्जिद को छुआ तक नहीं गया और पूरा प्लान बदलकर सड़क बनाई गई थी।
उमा भारती ने कहा कि सरकार विकास और आस्था को साथ लेकर चलती थी और इसी उदाहरण के आधार पर उज्जैन के खड़े हनुमान मंदिर के मामले में भी समाधान निकाला जा सकता है। पत्र के अंत में उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से इसी दिशा में समाधान निकालने की अपेक्षा जताई है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित