उज्जैन , जुलाई 27 -- मध्यप्रदेश के उज्जैन में आयोजित एमपी-सीजी चैप्टर रेडिएशन ऑन्कोलॉजी कॉन्फ्रेंस में देशभर के कैंसर विशेषज्ञों ने अत्याधुनिक उपचार तकनीकों, नवीन शोध और कैंसर प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज के नाद ब्रह्मा कन्वेंशन सेंटर में 25 और 26 जुलाई को आयोजित दो दिवसीय सम्मेलन कैंसर उपचार के क्षेत्र में ज्ञान के आदान-प्रदान, अकादमिक चर्चा और नवीन अनुसंधान का महत्वपूर्ण मंच बना। सम्मेलन में मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के रेडिएशन ऑन्कोलॉजिस्ट, मेडिकल फिजिसिस्ट, रेजिडेंट चिकित्सक तथा कैंसर केयर प्रोफेशनल्स ने भाग लिया।
सम्मेलन में प्रिसिजन रेडियोथेरेपी, उभरती उपचार तकनीकों, एविडेंस-बेस्ड क्लिनिकल प्रैक्टिस तथा कैंसर प्रबंधन के बहु-विषयक दृष्टिकोण पर विशेषज्ञ पैनल चर्चा, केस-आधारित विचार-विमर्श, ओरल और पोस्टर प्रेजेंटेशन आयोजित किए गए। पोस्टग्रेजुएट विद्यार्थियों और युवा ऑन्कोलॉजिस्ट ने भी अपने शोध और क्लिनिकल अनुभव प्रस्तुत किए।
आयोजन अध्यक्ष एवं आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज के मेडिकल डायरेक्टर डॉ. वी.के. महाडिक ने बताया कि सम्मेलन का उद्देश्य निरंतर चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान के माध्यम से कैंसर उपचार को और प्रभावी बनाना है।
उज्जैन कैंसर सेंटर के अध्यक्ष डॉ. दिनेश पेंढारकर ने बताया कि सेंटर अत्याधुनिक रेडिएशन मशीनों और आधुनिक तकनीक से सुसज्जित है तथा यहां शीघ्र ही पीईटी स्कैन की सुविधा भी शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह राज्य का एकमात्र मेडिकल कॉलेज है, जहां कैंसर निदान के लिए नेक्स्ट जनरेशन सीक्वेंसिंग (एनजीएस) और फ्लो साइटोमेट्री जैसी नवीनतम सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसके अलावा टार्गेटेड थेरेपी, इम्यूनोथेरेपी, प्रिसिजन ऑन्कोलॉजी, बोन मैरो ट्रांसप्लांट और कार-टी सेल थेरेपी जैसी आधुनिक उपचार सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।
सम्मेलन में एआरओआई के अध्यक्ष डॉ. हामिद घोरी, सचिव डॉ. सुरुचि सिंह, राष्ट्रीय कैंसर संस्थान एवं एम्स के रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभाग के पूर्व प्रमुख डॉ. जी.के. रथ, डॉ. एस.एन. सेनापति, डॉ. श्रीनिवासन वेंकटेशन, डॉ. जे.पी. अग्रवाल, डॉ. सिद्धार्थ लस्कर और डॉ. विवेक आनंद सहित देश के अनेक कैंसर विशेषज्ञों ने भाग लिया।
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