पटना , जुलाई 17 -- बिहार के राज्यपाल-सह-कुलाधिपति लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन (सेवानिवृत्त) ने शुक्रवार को कहा कि उच्च शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए विद्यार्थियों एवं शिक्षकों से प्रत्यक्ष संवाद स्थापित कर उनके सुझाव प्राप्त करना आवश्यक है।

श्री हसनैन ने आज वीर कुँवर सिंह विश्वविद्यालय, आरा में छात्रों एवं शिक्षकों के साथ आयोजित संवाद कार्यक्रम में भाग लिया और कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य उच्च शिक्षा से जुड़े विभिन्न विषयों पर विद्यार्थियों एवं शिक्षकों से प्रत्यक्ष संवाद स्थापित कर उनके सुझाव प्राप्त करना था।

राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि उच्च शिक्षा में सार्थक सुधार तभी संभव है, जब छात्रों और शिक्षकों के अनुभवों, समस्याओं एवं सुझावों को नीति-निर्माण का आधार बनाया जाए। उन्होंने बताया कि बिहार में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अनेक नीतिगत सुधार, नए नियम तथा प्रशासनिक पहलें लागू की जा रही हैं, जिनसे आने वाले समय में शिक्षा की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा। लोकतांत्रिक व्यवस्था का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि प्रभावी नीतियाँ सभी हितधारकों की सक्रिय सहभागिता से ही बनती हैं।

श्री हसनैन ने समृद्ध बौद्धिक परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य के लोगों ने देशभर में विभिन्न क्षेत्रों में नेतृत्व प्रदान किया है और अब आवश्यकता है कि बिहार के विश्वविद्यालय भी शैक्षणिक उत्कृष्टता के केंद्र के रूप में विकसित हों। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार एवं लोक भवन इस दिशा में पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहे हैं, ताकि विद्यार्थियों को अपने ही राज्य में गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा उपलब्ध हो सके।

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