शिमला , फरवरी 28 -- हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को मध्यम और बड़े औद्योगिक उपभोक्ताओं से 16.5 प्रतिशत से ज़्यादा बिजली शुल्क वसूलने से रोक दिया है। उच्च न्यायालय ने कहा है कि प्रथम दृष्टया इतनी ज़्यादा बढ़ोतरी कानूनी नियमों के खिलाफ लगती है।

पास किये गये आदेश संख्या 2102 वर्ष 2026, जिसका शीर्षक- मैसर्स वर्मा स्टोन क्रशर बनाम हिमाचल प्रदेश राज्य व अन्य था, में न्यायमूर्ति विवेक सिंह ठाकुर और न्यायमूर्ति रंजन शर्मा की खंडपीठ ने बिजली शुल्क के बारे में याचिकाकर्ता की शिकायत पर ध्यान दिया।

शनिवार को यहां मीडिया को जारी आदेश में पीठ ने कहा कि 20 जुलाई 2017 से 11 प्रतिशत तय शुल्क एक सितंबर 2023 की अधिसूचना के जरिये बढ़ाकर 25 प्रतिशत कर दिया और 18 जनवरी 2024 की अधिसूचना के जरिये इसे और बढ़ाकर 37.50 प्रतिशत कर दिया।

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