नैनीताल , फरवरी 13 -- उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय ने हल्द्वानी में रेहड़ी पटरी (स्ट्रीट वेंडर्स) वालों के मामले में दायर जनहित याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई करते हुए नगर निगम से तीन सप्ताह में प्रगति रिपोर्ट पेश करने को कहा है।
हल्द्वानी निवासी हितेश पांडे की ओर से दायर जनहित याचिका पर मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ में सुनवाई हुई। नगर निगम की ओर से अधिवक्ता आशीष जोशी की ओर से अदालत को बताया गया कि स्ट्रीट वेंडर्स के लिए भूमि का चयन कर लिया गया है। जिला प्रशासन के साथ मिलकर जल्द ही इसे अंतिम रूप दे दिया जाएगा। उन्होंने अदालत से इस मामले के लिए तीन सप्ताह का समय मांगा।
अदालत ने नगर निगम को तीन सप्ताह का समय देते हुए प्रगति रिपोर्ट पेश करने को कहा है।
दायर याचिका में कहा गया है कि हल्द्वानी शहर भर में बाजारों, फुटपाथों, सार्वजनिक स्थानों और गलियों में रेहड़ी पटरी वालों ने कब्जा कर रखा है। इनमें से अधिकांश का पंजीकरण भी नहीं है।
इससे बाजारों में भीड़भाड़ के साथ ही अव्यवस्था उत्पन्न हो रही है। पैदल चलने वालों के लिए जगह तक नहीं है। भीड़भाड़ वाले बाजारों में ई रिक्शा व टेम्पो भी बेरोकटोक चल रहे हैंं। जिनकी वजह से दुर्घटनाएं भी हो रही हैं। कुछ दुकान मालिक भी इसको बढ़ावा दे रहे हैं और अपनी दुकान के आगे फड़ और ठेलों वालों को प्रश्रय दे रहे हैं।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित