नैनीताल , अक्टूबर 08 -- उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने रामनगर नगर पालिका क्षेत्र में अतिरिक्त गोमांस की दुकान खोलने की अनुमति नहीं दी है। अदालत ने अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) मांगने वाली याचिका को खारिज कर दिया है।

याचिकाकर्ता उमैर कुरैशी की याचिका पर न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की एकलपीठ में बुधवार को सुनवाई हुई। आदेश की प्रति आज उपलब्ध हुई।

याचिकाकर्ता ने कहा कि उसने रामनगर (जिला नैनीताल) की सीमा में गोमांस की दुकान चलाने के लिए नगर पालिका परिषद से एनओसी मांगा था लेकिन उसने यह कहते हुए एनओसी देने से इनकार कर दिया कि उपविधियों के अनुसार दुकान निर्धारित स्थानों के अलावा कहीं और नहीं खुल सकती।

पालिका की ओर से यह भी बताया गया कि नगर सीमा में 16 गोमांस के आवंटन के लिए 16 मई 2026 को अखबार में सूचना प्रकाशित की गई थी। प्रक्रिया पूरी होने पर दुकानें आवंटित हो चुकी हैं। याचिकाकर्ता ने आवंटन प्रक्रिया में हिस्सा ही नहीं लिया।

याचिकाकर्ता की दलील थी कि नगर पालिका परिषद संविधान के अनुच्छेद 19(1)(जी) के तहत मिले व्यापार और कारोबार के मौलिक अधिकार पर रोक नहीं लगा सकती जबकि नगर पालिका ने कहा कि उपविधि के खंड 3 के अनुसार मीट मार्केट, मोहल्ला खटीक में 12 और मोहल्ला गुलरघट्टी में चार दुकानें हो सकती हैं। परिषद ने कहा कि दुकानों की संख्या की सीमा तय है, इसलिए किसी अन्य स्थान हेतु एनओसी नहीं दी जा सकती है।

अदालत ने परिषद की दलील में दम पाया। आदेश में कहा गया कि याचिकाकर्ता को व्यापार का मौलिक अधिकार है, लेकिन यह अधिकार असीमित नहीं है और उस पर उचित प्रतिबंध लग सकते हैं। परिषद ने जनहित में उपविधियां बनाकर कुछ प्रतिबंध लगाए हैं। ये उपविधियां लागू हैं और इन्हें चुनौती नहीं दी गई है। इसलिये याचिकाकर्ता को अनुमति नहीं दी जा सकती है।

अदालत ने कहा कि हस्तक्षेप की गुंजाइश नहीं है और याचिका खारिज कर दी।

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