नैनीताल , अक्टूबर 28 -- उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने तीर्थ नगरी हरिद्वार के मंशा देवी रोप-वे मामले में बुधवार को सुनवाई करते हुए प्रदेश के मुख्य सचिव को कमेटी गठित करने और तीन महीने में प्रकरण के निस्तारण के निर्देश दिए हैं।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने ये निर्देश दामोदर रोप-वे इंफ्रा लिमिटेड और उषा ब्रेको लि0 और अन्य की ओर से दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए दिये।
याचिकाकर्ताओं की ओर से हरिद्वार नगर निगम की ओर से संचालित मंशा देवी रोप-वे प्रकरण के संचालन और रखरखाव को अलग- अलग याचिकाओं के माध्यम से चुनौती दी गई थी।
याचिकाकर्ताओं की ओर से याचिकाओं में अपने अपने पक्ष में दावे पेश किये गए थे।
ऊषा ब्रेंको लिमिटेड की ओर से कहा गया कि हरिद्वार नगर निगम की ओर से रोप-वे का संचालन और रखरखाव ऐसे अनुुभवहीन कंपनियों के हाथ में सौंपा जा रहा है जिन्हें रोप-वे संचालन का अनुभव नहीं है।
याचिकाकर्ता की ओर से यह भी कहा गया कि वह वर्ष 1981 से इस रोप-वे का संचालन और रखरखाव करता आ रहा है। वर्ष 2024 में निगम ने उसे एक साल के लिये रोप-वे का संचालन दिया लेकिन आगे इसे अनुभवहीन कंपनियों के हाथों में सौंपने की तैयारी की जा रही है।
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