बेंगलुरु , मार्च 26 -- कर्नाटक उच्च न्यायालय ने गुरुवार को डीआईजीआईपीयूबी न्यूज इंडिया फाउंडेशन और पत्रकार अभिनंदन सेखरी द्वारा ऑनलाइन कंटेंट ब्लॉकिंग नियमों के संबंध में दायर याचिका पर नोटिस जारी करने से इनकार कर दिया।

मुख्य न्यायाधीश विभू बखरू और न्यायमूर्ति सी पूनाचा की पीठ ने कहा कि इस मामले की सुनवाई बाद में एक्स कॉर्प द्वारा दायर इसी तरह की याचिका के साथ की जाएगी।

मुख्य न्यायाधीश विभू बखरू और न्यायमूर्ति सी पूनाचा की पीठ ने कहा कि इस मामले की सुनवाई बाद में एक्स कॉर्प द्वारा दायर इसी तरह की याचिका के साथ की जाएगी।

यह याचिका अदालत के एक पूर्व आदेश को चुनौती देती है जिसमें कहा गया था कि सरकार केवल आईटी अधिनियम की धारा 69ए के तहत ही नहीं बल्कि धारा 79(3)(बी) के तहत भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से कंटेंट हटाने के लिए कह सकती है।

अदालत ने कहा कि वह इस मामले की सुनवाई अभी अलग से नहीं करेगी, क्योंकि इसी तरह का एक मामला पहले से ही लंबित है जिसकी सुनवाई 11 जून को होनी है।

इससे पहले, सितंबर 2025 में न्यायमूर्ति एम. नागप्रसन्ना ने फैसला सुनाया था कि अधिकारी ऑनलाइन प्लेटफार्मों को गैरकानूनी सामग्री हटाने का निर्देश दे सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि अगर प्लेटफार्म ऐसे निर्देशों का पालन करने में विफल रहते हैं तो वे कानून के तहत प्राप्त कानूनी संरक्षण खो सकते हैं।

हालांकि, एक्स कॉर्प ने तर्क दिया कि कंटेंट ब्लॉकिंग केवल आईटी अधिनियम की धारा 69ए के अंतर्गत ही की जानी चाहिए, जिसमें स्पष्ट नियम एवं सुरक्षा उपाय मौजूद हैं। उच्च न्यायालय अगली सुनवाई में दोनों मामलों की एक साथ सुनवाई करेगा।

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