मुंबई/नयी दिल्ली , जनवरी 12 -- उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को महाराष्ट्र राज्य निर्वाचन आयोग को आगामी ज़िला परिषद और पंचायत समिति चुनावों को स्थगित करने की अनुमति दे दी।

इससे पहले महाराष्ट्र राज्य निर्वाचन आयोग ने उच्चतम न्यायालय का रुख करते हुए स्थानीय निकाय चुनाव प्रक्रिया पूरी करने के लिए 10 दिन का अतिरिक्त समय मांगा था।

इसके बाद न्यायालय ने आयोग को ज़िला परिषद और पंचायत समिति चुनाव टालने के लिए 15 दिन का विस्तार देते हुए निर्देश दिया कि सभी चुनाव 15 फरवरी 2026 तक पूरे कर लिए जाएं।

न्यायालय ने पहले राज्य में सभी स्थानीय निकाय चुनाव 31 जनवरी से पहले कराने की समय-सीमा तय की थी , हालांकि अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को 27 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने को लेकर विवाद के बाद अदालत ने आदेश दिया था कि सभी स्थानीय निकाय चुनाव 50 प्रतिशत आरक्षण की सीमा के भीतर ही कराए जाएं। इसी आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया था कि चुनाव केवल उन्हीं ज़िला परिषदों और पंचायत समितियों में कराए जाएं, जो 50 प्रतिशत आरक्षण की सीमा का पालन करती हों।

वर्तमान स्थिति के अनुसार, महाराष्ट्र में नगर निकाय चुनावों का दूसरा चरण 15 जनवरी को आयोजित किया जाएगा।

महाराष्ट्र राज्य निर्वाचन आयोग ने 50 प्रतिशत आरक्षण सीमा का पालन करने वाली 12 ज़िला परिषदों और 125 पंचायत समितियों के चुनाव फरवरी 2026 के पहले सप्ताह में कराने की तैयारी की थी। आयोग हालांकि 32 में से लगभग 20 ज़िला परिषदों में चुनाव कराने में असफल रहा, जबकि वे 50 प्रतिशत आरक्षण सीमा का पालन करती थीं। चूंकि अधिकांश आरक्षित क्षेत्र विदर्भ और मराठवाड़ा में स्थित हैं, इसलिए राज्य निर्वाचन आयोग ने आरक्षण से जुड़ा मुद्दा सुलझने तक वहां चुनाव न कराने का फैसला किया।

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