रांची , अगस्त 19 -- झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने आज मोहन कुमार मंगलमय स्टेडियम, बोकारो में आयोजित ' सेकंड एनटीपीसी नेशनल रैंकिंग आर्चरी टूर्नामेंट' के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि झारखण्ड को ' लैंड ऑफ़ आर्चरी' के रूप में भी जाना जाता है। यहाँ की कई प्रतिभाओं ने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंचों पर राज्य का गौरव बढ़ाया है।

उन्होंने कहा कि उचितअवसर और मार्गदर्शन मिलने पर झारखण्ड की प्रतिभाएँ विश्व के बड़े मंचों पर अपनी पहचान बनाने की क्षमता रखती हैं।

श्री गंगवार ने कहा कि तीरंदाजी केवल धनुष-बाण चलाने का खेल नहीं, बल्कि एकाग्रता, धैर्य, अनुशासन, संतुलन और लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्धता का खेल है। उन्होंने कहा कि तीरंदाजी हमें जीवन में भी यही संदेश देती है कि लक्ष्य स्पष्ट हो, मन एकाग्र हो और प्रयास निरंतर हो, तो सफलता की दिशा स्पष्ट होती जाती है।

श्री गंगवार ने कहा कि भारत की परंपरा में धनुर्विद्या का गौरवशाली इतिहास रहा है। भगवान श्रीराम, अर्जुन एवं एकलव्य जैसे चरित्रों के माध्यम से धनुर्विद्या साधना, एकाग्रता, आत्मसंयम एवं लक्ष्य के प्रति समर्पण का प्रतीक रही है। आधुनिक तीरंदाजी ने इस परंपरा को वैज्ञानिक प्रशिक्षण, आधुनिक तकनीक एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा के साथ नई ऊँचाइयाँ प्रदान की हैं।

श्री गंगवार ने कहा कि झारखण्ड के ग्रामीण एवं जनजातीय क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता है कि प्रतिभाओं की समय पर पहचान कर उन्हें योग्य प्रशिक्षक, आधुनिक प्रशिक्षण, आवश्यक उपकरण तथा प्रतियोगिताओं के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराए जाएँ। उन्होंने कहा कि संसाधनों के अभाव में कोई प्रतिभा पीछे न रह जाए, इसके लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि 'खेलो इंडिया' एवं 'फिट इंडिया' जैसे अभियानों से देश में खेलों के प्रति नया उत्साह पैदा हुआ है तथा छोटे शहरों, कस्बों एवं गाँवों की प्रतिभाओं को आगे आने के अवसर मिले हैं। उन्होंने कहा कि आज का राष्ट्रीय रैंकिंग टूर्नामेंट भी खिलाड़ियों को अपनी तकनीक परखने तथा राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा का अनुभव प्राप्त करने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान कर रहा है।

श्री गंगवार ने खिलाड़ियों से लक्ष्य ऊँचा रखने, अनुशासन को अपनी शक्ति बनाने तथा अपनी तकनीक एवं मानसिक एकाग्रता को निरंतर मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जीत महत्वपूर्ण है, लेकिन अपने पिछले प्रदर्शन से बेहतर करने की निरंतर कोशिश उससे भी अधिक महत्वपूर्ण है।

इस अवसर पर राज्यपाल श्री गंगवार ने देश के विभिन्न राज्यों से आए खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों एवं तकनीकी अधिकारियों का झारखण्ड की धरती पर स्वागत करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने झारखण्ड तीरंदाजी संघ, बोकारो जिला तीरंदाजी संघ, एनटीपीसी तथा आयोजन से जुड़े सभी सदस्यों को प्रतियोगिता के लिए बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।

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