जयपुर , जुलाई 13 -- केंद्रीय जनजातीय राज्य मंत्री दुर्गादास उइके ने ओलंपिक खेल लैक्रोज में देश का नाम रोशन करने वाले जनजातीय क्षेत्र के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों, भारतीय महिला टीम की कप्तान सुनीता मीणा तथा राष्ट्रीय प्रशिक्षक नीरज बत्रा से मुलाकात कर उनकी उल्लेखनीय उपलब्धियों की सराहना की हैं।
श्री उइके अपने उदयपुर प्रवास के दौरान ने इन खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया। उन्होंने विशेष रूप से एशियन लैक्रोज गेम्स, रियाद (सऊदी अरब) में भारतीय टीम के शानदार प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए प्रतियोगिता के सर्वश्रेष्ठ स्कोरर मोहनलाल गमेती के अदम्य साहस और जुझारूपन की प्रशंसा की।
उन्होंने कहा कि इराक के विरुद्ध मुकाबले के दौरान ठुड्डी पर गंभीर चोट लगने और नौ टांके आने के बावजूद मोहनलाल ने हार नहीं मानी। चिकित्सकीय जोखिम के बावजूद उन्होंने पाकिस्तान के विरुद्ध महत्वपूर्ण मुकाबले में मैदान पर उतरकर अद्वितीय साहस, आत्मविश्वास और देशभक्ति का परिचय दिया तथा सर्वाधिक गोल कर भारत की ऐतिहासिक जीत का मार्ग प्रशस्त किया। उनके इस संघर्ष और उत्कृष्ट प्रदर्शन ने भारतीय टीम को स्वर्ण पदक दिलाने में निर्णायक भूमिका निभाई, जो आने वाली पीढ़ियों के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा।
इस अवसर पर राज्य के जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने कहा कि राजस्थान आज भारत में लैक्रोज का प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है और विशेष रूप से उदयपुर के जनजातीय क्षेत्र के खिलाड़ी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य सरकार शीघ्र ही लैक्रोज को खेल नीति में शामिल कर खिलाड़ियों को रोजगार एवं बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में सकारात्मक कदम उठाएगी।
उदयपुर लोकसभा सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने खिलाड़ियों को ओलंपिक को लाक्ष्य बनाकर सही दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि केंद्र सरकार प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को हरसंभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है। राज्यसभा सांसद चुन्नीलाल गरासिया, समाजसेवी गजपाल सिंह राठौड़ तथा पुष्कर तेली ने भी खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
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