फर्रुखाबाद , जून 25 -- उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रस्तावित ई-रजिस्ट्री (बैनामा) प्रणाली के विरोध में फर्रुखाबाद जिले की तीनों तहसीलों में गुरुवार को अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों और स्टांप विक्रेताओं ने पूर्ण हड़ताल कर धरना-प्रदर्शन किया। हड़ताल के कारण रजिस्ट्री संबंधी कार्य पूरी तरह ठप रहे, जिससे राजस्व प्रभावित होने का दावा किया गया है।

तहसील सदर बार एसोसिएशन के संयुक्त सचिव विकास सक्सेना ने बताया कि राज्य सरकार की प्रस्तावित ई-रजिस्ट्री प्रणाली के विरोध में सदर, कायमगंज और अमृतपुर तहसीलों के बार एसोसिएशनों के आह्वान पर 500 से अधिक अधिवक्ता, दस्तावेज लेखक और स्टांप विक्रेता अपने कार्यों से विरत रहे।

हड़ताल के चलते रजिस्ट्री कार्यालयों में क्रय-विक्रय संबंधी कार्य नहीं हो सके। बड़ी संख्या में संपत्ति क्रय-विक्रय के लिए पहुंचे लोग आवश्यक कार्य न होने से निराश होकर लौट गए। अधिवक्ताओं का दावा है कि रजिस्ट्री और बैनामा संबंधी कार्य प्रभावित होने से एक दिन में दो से तीन करोड़ रुपये तक के राजस्व का नुकसान हुआ है। हालांकि, इस संबंध में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं किया गया है।

हड़ताली अधिवक्ताओं के प्रतिनिधियों ने कहा कि ई-रजिस्ट्री प्रणाली लागू होने से अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों और स्टांप विक्रेताओं के कार्यक्षेत्र पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इसी कारण इसका विरोध किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक सरकार प्रस्तावित ई-रजिस्ट्री प्रणाली को वापस लेने अथवा इस संबंध में संतोषजनक समाधान नहीं निकालती, तब तक आंदोलन और हड़ताल जारी रह सकती है।

धरना-प्रदर्शन में तहसील सदर बार एसोसिएशन के महासचिव अतुल मिश्रा, वरिष्ठ अधिवक्ता उमाशंकर कटियार, अतुल शाक्य, दिलीप कुमार सक्सेना, संजय कटियार, दस्तावेज लेखक संघ के विनोद कुमार सक्सेना, मनोज त्रिवेदी, कायमगंज बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विश्वेश्वर दयाल गंगवार सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता एवं दस्तावेज लेखक शामिल रहे।

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