गौतमबुद्धनगर , जून 13 -- उत्तर प्रदेश में जनपद गौतमबुद्धनगर के सहायक आयुक्त स्टांप (द्वितीय) बृजेश कुमार ने ई-रजिस्ट्रीकरण व्यवस्था को लेकर फैली विभिन्न आशंकाओं को दूर करते हुए स्पष्ट किया है कि सरकार के निर्देशों के अनुपालन में कि यह व्यवस्था सभी प्रकार के लेखपत्रों और संपत्ति संबंधी दस्तावेजों पर लागू नहीं की गई है।

उन्होंने शनिवार को बताया कि ई-रजिस्ट्रीकरण प्रणाली केवल अनुमोदित शासकीय एवं अर्द्धशासकीय संस्थाओं द्वारा निष्पादित प्रथम हस्तांतरण विलेखों (फर्स्ट एलॉटमेंट डीड) पर ही लागू होगी।

नई व्यवस्था से अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों तथा अन्य हितधारकों के हितों पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। शासन द्वारा लागू की जा रही ई-रजिस्ट्रीकरण प्रक्रिया का उद्देश्य केवल प्रथम आवंटन से संबंधित दस्तावेजों के पंजीकरण को अधिक पारदर्शी, सरल और तकनीक आधारित बनाना है।

यह व्यवस्था केवल उन संपत्तियों के लिए प्रभावी होगी जिनका प्रथम आवंटन विकास प्राधिकरणों अथवा शासन द्वारा अनुमोदित संस्थाओं के माध्यम से किया जाएगा। सामान्य क्रय-विक्रय, उपहार विलेख, बंटवारा, बंधक अथवा अन्य प्रकार के पंजीकरण कार्य पूर्व की भांति ही संचालित होते रहेंगे।

उन्होंने अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों और आम नागरिकों से अपील की कि वे ई-रजिस्ट्रीकरण व्यवस्था को लेकर किसी भी प्रकार की भ्रांति या अफवाह पर ध्यान न दें तथा शासन की मंशा और निर्धारित प्रावधानों को समझते हुए सहयोग प्रदान करें। उन्होंने विश्वास दिलाया कि नई व्यवस्था से पंजीकरण प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और नागरिकों को बेहतर एवं सुगम सेवाएं उपलब्ध होंगी।

सहायक आयुक्त स्टांप ने कहा कि विभाग सभी हितधारकों के सुझावों और सहयोग के साथ इस व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे आमजन को त्वरित एवं पारदर्शी सेवाएं मिल सकें।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित