जयपुर , अप्रैल 13 -- राजस्थान विधानसभा को सोमवार को ई-मेल के माध्यम से आरडीएक्स से उड़ाने की धमकी मिली। इसके बाद संबंधित एजेंसियों ने परिसर की सघन जांच की।

धमकी मिलने की सूचना पर विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मामलेकी जानकारी तत्काल राज्य के पुलिस महानिदेशक को दी। श्री देवनानी ने लगातार स्थिति पर नजर बनाये रखी। उन्होंने विधानसभा के अधिकारियों एवं कर्मचारियों से धैर्य बनाये रखने की अपील करते हुए उनका मनोबल बढ़ाये रखा। विधानसभा परिसर को एहतियातन खाली कराया गया तथा बम निरोधक दस्ता एवं विशेष पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर सघन जांच की।

श्री देवनानी ने बताया कि ई-मेल के स्रोत का पता लगाने के लिए साइबर एजेंसियां जांच कर रही हैं। उन्होंने बताया कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस प्रकार की अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

श्री देवनानी ने बताया कि विधानसभा परिसर की जांच एण्टी सबोटाज चैक टीम द्वारा आवश्यक उपकरणों की सहायता से की गयी। उन्होंने बताया कि एण्टी सबोटाज चैक के दौरान विधानसभा परिसर में किसी भी प्रकार का कोई विस्फोटक पदार्थ और आपत्तिजनक वस्तु नहीं पाई गई। उन्होंने बताया कि पुलिस आयुक्तालय की एण्टी सबोटाज जांच टीम के प्रभारी द्वारा इस संबंध में विधानसभा को प्रमाण-पत्र भी दिया गया है।

श्री देवनानी ने कहा कि सुरक्षा एजेंसियों द्वारा पूरे विधानसभा परिसर की गहन और तकनीकी जांच के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि धमकी पूरी तरह फर्जी थी। किसी भी प्रकार का विस्फोटक या संदिग्ध वस्तु नहीं पायी गयी। जांच पूरी होने के बाद विधानसभा सचिवालय के अधिकारी एवं कर्मचारी पुनः अपने कार्यस्थलों पर लौट आये हैं और स्थिति सामान्य हो गयी है।

श्री देवनानी ने बताया कि ई-मेल में जो सामग्री लिखी गयी है, उसका राजस्थान विधानसभा से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि ई-मेल में कुछ असंबंधित और भ्रामक बातें लिखी गयी थीं, जैसे किसी भी ब्राह्मण को द्रमुक में शामिल नहीं होना चाहिए। श्री एस.वी. शेखर के द्रमुक में शामिल होने का उल्लेख करते हुए विधानसभा को उड़ाने की धमकी दी गयी।

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