बैतूल , फरवरी 19 -- बैतूल जिले में साइबर अपराधियों ने फर्जी ई-केवाईसी अपडेट के नाम पर एक बुजुर्ग को निशाना बनाकर 6 लाख 77 हजार रुपये की ठगी कर ली। आरोपियों ने खुद को निजी बैंक का अधिकारी बताकर व्हाट्सएप के जरिए एपीके फाइल भेजी और मोबाइल हैक कर क्रेडिट कार्ड तथा जंबो लोन के माध्यम से रकम निकाल ली। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मालवीय वार्ड खंजनपुर निवासी 62 वर्षीय विनय कुमार भावसार ने थाना गंज में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि 3 नवंबर 2025 को व्हाट्सएप कॉल के जरिए एक व्यक्ति ने खुद को एचडीएफसी बैंक का रिलेशनशिप मैनेजर अनिल अग्रवाल बताया और ई-केवाईसी अपडेट करने के लिए कहा। आरोपी ने भरोसा जीतकर "एचडीएफसी पेज अपडेट" नाम से एक एपीके फाइल भेजी। फरियादी के आईफोन में फाइल इंस्टॉल नहीं होने पर आरोपी ने दूसरे एंड्रायड मोबाइल में फाइल डाउनलोड कर इंस्टॉल करने के लिए कहा। फाइल इंस्टॉल होते ही मोबाइल का नियंत्रण ठगों के पास चला गया और कॉल व मैसेज डायवर्ट होने लगे।
इसके बाद 3 से 5 नवंबर के बीच आरोपियों ने फरियादी के क्रेडिट कार्ड का उपयोग कर कई ट्रांजेक्शन किए और जंबो लोन भी लिया। इस तरह कुल 6 लाख 77 हजार रुपये खाते से निकाल लिए गए। घटना की जानकारी लगने पर पीड़ित ने राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अपराध क्रमांक 39/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन ने बताया कि साइबर अपराधी बैंक अधिकारी बनकर लोगों को कॉल करते हैं और केवाईसी अपडेट, लोन या अन्य बहानों से लिंक या एपीके फाइल भेजते हैं। ऐसी फाइल इंस्टॉल होते ही मोबाइल में मैलवेयर सक्रिय हो जाता है, जिससे ठग ओटीपी, पासवर्ड और बैंकिंग जानकारी हासिल कर लेते हैं।
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक या एपीके फाइल को डाउनलोड न करें और ओटीपी, पिन या पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें। बैंकिंग संबंधी जानकारी के लिए केवल आधिकारिक वेबसाइट या शाखा से ही संपर्क करें। साइबर ठगी होने पर तुरंत हेल्पलाइन 1930, साइबर क्राइम पोर्टल या नजदीकी थाना में शिकायत दर्ज कराएं।
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