वाशिंगटन , मई 16 -- अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपनी चीन की उच्च स्तरीय यात्रा से शुक्रवार को बिना किसी बड़ी सफलता के स्वदेश लौट आए हैं। उनके प्रशासन के सदस्यों को उम्मीद थी कि इस यात्रा से ईरान युद्ध को सुलझाने में मदद मिलेगी, लेकिन इस दिशा में कोई ठोस परिणाम हासिल नहीं हो सका।

वाशिंगटन लौटते समय 'एयर फोर्स वन' पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए श्री ट्रंप ने कहा कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग हॉर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खुलते हुए देखना चाहते हैं और इस बात पर सहमत हैं कि ईरान को कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं करने चाहिए। हालांकि, ये ऐसी बातें हैं जो बीजिंग पहले भी कई बार कह चुका है। फॉक्स न्यूज द्वारा शी की भूमिका के बारे में पूछे जाने पर ट्रंप ने कहा, "वह इसे समाप्त होते देखना चाहते हैं। वह मदद करना चाहते हैं। यदि वह मदद करना चाहते हैं, तो यह बहुत अच्छा है, लेकिन हमें मदद की ज़रूरत नहीं है।"प्रशासन के कई अधिकारी यह देखना चाहते थे कि चीन के साथ वार्ता का क्या परिणाम निकलता है, लेकिन जमीनी स्तर पर किसी भी दृश्य प्रगति के अभाव ने अब श्री ट्रंप को एक कठिन स्थिति में डाल दिया है। अब उन्हें यह तय करना होगा कि वे कूटनीति का मार्ग जारी रखें या फिर से सैन्य कार्रवाई शुरू करें।

सीएनएन की एक रिपोर्ट के अनुसार, अगले कदम को लेकर प्रशासन के भीतर काफी मतभेद हैं। विशेष रूप से पेंटागन के कुछ अधिकारियों का तर्क है कि लक्षित हमलों सहित अधिक आक्रामक दृष्टिकोण अपनाना चाहिए, जिससे ईरान पर समझौता करने के लिए दबाव बनाया जा सके।

दूसरी ओर, कुछ अन्य अधिकारी आर्थिक दबाव के साथ कूटनीति जारी रखने के पक्ष में हैं। उनका मानना है कि ईरान के कड़े रुख के बावजूद, यदि उस पर पर्याप्त दबाव डाला जाए तो वह पूर्ण पैमाने पर संघर्ष फिर से शुरू किए बिना समझौते के लिए तैयार हो सकता है।

श्री ट्रंप खुद हाल के हफ्तों में बातचीत की ओर झुके हुए थे। उन्हें उम्मीद थी कि प्रतिबंधों, बढ़ते सैन्य दबाव और सीधी बातचीत से अंततः ईरान और अमेरिका के बीच कोई समझौता हो जाएगा।

इसके बावजूद अप्रैल में घोषित युद्धविराम के बाद से अब तक ईरान अपने रुख से पीछे नहीं हटा है और उसकी मांगें जस की तस बनी हुई हैं। ईरान की मांगों में अमेरिकी नाकेबंदी को खत्म करना, युद्ध का हर्जाना, होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरानी संप्रभुता की मान्यता, अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों की समाप्ति और लेबनान संघर्ष का अंत शामिल है।

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