रायपुर , मार्च 13 -- छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ईरान में हालात और विदेशों में फंसे भारतीय नागरिकों के मुद्दे पर केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा है कि मोदी सरकार की विदेश नीति पूरी तरह से विफल हो गयी है।
श्री बघेल ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी की विदेश नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार पूरी तरह से कॉप्रोमाइज्ड है। स्वामी विवेकानंद हवाई अड्डा पर संवाददाताओं से बातचीत करते हुए उन्होंने ईरान भारत का पारंपरिक मित्र देश रहा है, लेकिन ईरान के सुप्रीम लीडर अमानतुल्लाह खामेनेई की हत्या पर श्री मोदी द्वारा श्रद्धांजलि न देना गंभीर राजनयिक चूक है। उन्होंने कहा कि ईरान दूतावास पर बड़ी देरी से एक शासकीय अधिकारी को भेजा गया, जो कि गलत है।
श्री बघेल ने आरोप लगाया, "अमेरिका और इजरायल के पास हमारे प्रधानमंत्री की ऐसी क्या सीक्रेट है, जिसके चलते वह विदेश नीति पर समझौता कर रहे हैं? जलडमरूमध्य क्षेत्र में भारतीय जहाजों की आवाजाही बंद है, एक करोड़ से अधिक भारतीय विदेशों में फंसे हैं, लेकिन सरकार सोई रही। अब जाकर प्रधानमंत्री जागे हैं।"उन्होंने केंद्र सरकार पर लोकसभा में इस मुद्दे पर चर्चा नहीं होने देने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि दिल्ली में लोकसभा सत्र जारी है, लेकिन नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को इन मुद्दों पर बोलने से रोका जा रहा है। बघेल ने कहा कि यह लोकतंत्र के लिए शर्मनाक स्थिति है। सरकार विपक्ष की आवाज को दबाकर जनता के मुद्दों को संसद में उठने से रोक रही है।
श्री बघेल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी विदेशों में फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी और ईरान संकट से निपटने के लिए सरकार को घेरती रहेगी। उन्होंने केंद्र से तत्काल हस्तक्षेप कर जलडमरूमध्य क्षेत्र में फंसे भारतीय जहाजों और नागरिकों को सुरक्षित निकालने की मांग की।
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