बिश्केक , अगस्त 31 -- ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ बैठक में कहा कि दोनों देशों के बीच राजनीतिक, आर्थिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की व्यापक संभावनाएं हैं और प्रतिबंधों के प्रभाव को कम करने के लिए संयुक्त प्रयासों से द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को और मजबूत किया जा सकता है।
श्री पेजेश्कियान ने शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात के दौरान दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों तथा क्षेत्रीय घटनाक्रम पर चर्चा की।
ईरानी राष्ट्रपति ने हाल के अमेरिका-इजरायल युद्ध के दौरान ईरान के साथ सहयोग के लिए भारत का आभार व्यक्त किया और क्षेत्र में शांति एवं सुरक्षा स्थापित करने के लिए कूटनीतिक प्रयासों को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि उनके प्रशासन की शुरुआत से ही ईरान की नीति शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा विवादों को बातचीत और वार्ता के माध्यम से सुलझाने पर आधारित रही है।
श्री पेजेश्कियान ने कहा कि दुर्भाग्य से अमेरिका ने कूटनीतिक माध्यमों का इस्तेमाल करने के बजाय युद्ध, असुरक्षा और बलपूर्वक अपनी इच्छा थोपने का रास्ता चुना। उन्होंने कहा कि ईरान कभी युद्ध का स्वागत नहीं करता और उसकी जिम्मेदारी अपने लोगों को खतरे तथा असुरक्षा से बचाना और शांति, स्थिरता एवं सुरक्षा के लिए परिस्थितियां तैयार करना है।
समझौतों के तहत लंबित मुद्दों के समाधान का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि ईरान अपने दायित्वों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन अमेरिकी पक्ष ने अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा नहीं किया। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद ईरान समझौते और आपसी समझ के रास्ते को आगे बढ़ाने के प्रयास जारी रखेगा। युद्ध जारी रखना ईरान, अमेरिका, क्षेत्र या मानवता में से किसी के हित में नहीं है।
श्री पेजेश्कियान ने कहा कि विवेक और तर्क युद्ध से बचने तथा युद्धोन्माद को रोकने की मांग करते हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका में कुछ समूह युद्ध जारी रहने में अपना हित देखते हैं, लेकिन शांति समर्थक ताकतों के संकल्प को मजबूत कर शांति, स्थिरता और सुरक्षा की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। श्री मोदी ने बैठक का स्वागत करते हुए कहा कि भारत हाल की कठिन परिस्थितियों के दौरान ईरान के साथ सहयोग और संवाद बनाए रखना चाहता था।
श्री मोदी ने राष्ट्रपति पेजेश्कियान के शांति एवं सुरक्षा संबंधी विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके व्यक्तित्व की समझ के आधार पर वह उन्हें शांति पसंद करने वाला व्यक्ति मानते हैं और उनका मानना है कि ईरानी राष्ट्रपति शांति स्थापित करने में प्रभावी भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि श्री पेजेश्कियान के प्रयास अंततः सकारात्मक परिणाम देंगे।
श्री मोदी ने ईरानी राष्ट्रपति से सहमति जताते हुए कहा कि कुछ लोग युद्ध में अपना हित देखते हैं, लेकिन सभी को शांति स्थापित करने के लिए अपने प्रयास दोगुने करने चाहिए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अंततः शांति और सुरक्षा की जीत होगी।
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