तेहरान , जुलाई 13 -- ईरान ने अमेरिका के साथ चल रही लड़ाई को संयुक्त् राष्ट्र द्वारा "सैन्य टकराव" बताए जाने को खारिज करते हुए कहा है कि दक्षिणी फारस की खाड़ी में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और संपत्तियों पर ईरान के हमले अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत उसके आत्मरक्षा के अधिकार के तहत वैध थे।
ईरान ने संयुक्त् राष्ट्र की आलोचना को खारिज करते हुए सोमवार को कहा कि जवाबदेही उन लोगों की तय होनी चाहिए जो "अंतरराष्ट्रीय कानून के गंभीर उल्लंघन के लिए जिम्मेदार" हैं, न कि उसकी जिसने आत्मरक्षा के अपने अधिकार का इस्तेमाल किया है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने कहा कि अमेरिका के साथ चल रही लड़ाई में दक्षिणी फारस की खाड़ी में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और संपत्तियों पर ईरान के हमले अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत उसके आत्मरक्षा के अधिकार के तहत वैध थे।
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा कि वह "हालात के गंभीर रूप से बिगड़ने को लेकर बहुत चिंतित हैं" और उन्होंने सभी हमलों को रोकने का आग्रह किया। श्री बकाई ने श्री गुटेरेस की संयम बरतने की अपील का जवाब देते हुए क्षेत्र के देशों से आग्रह किया कि वे ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियानों के लिए अपनी ज़मीन का इस्तेमाल न होने दें। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय पर आरोप लगाया कि वह उन लोगों को जवाबदेह ठहराने में नाकाम रहा है जो हमलावर हैं ।
उन्होंने कहा कि ये हमले गत 28 फरवरी को अमेरिका और इज़रायल द्वारा शुरू की गई "खुली और बिना उकसावे वाली आक्रामकता" का ही सिलसिला थे। श्री बकाई ने कहा, "ईरान 'हमला' नहीं करता है। दक्षिणी फारस की खाड़ी में तैनात अमेरिकी सैन्य ठिकानों और संपत्तियों पर ईरान के हमले अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत आत्मरक्षा के उसके जन्मसिद्ध अधिकार का वैध और कानूनी इस्तेमाल हैं।"ईरानी प्रवक्ता ने कहा, "अंतरराष्ट्रीय कानून के गंभीर उल्लंघन के लिए हमलावरों को जवाबदेह ठहराने में नाकाम रहने के बावजूद, अपनी संप्रभुता की रक्षा करने के लिए ईरान को दोषी ठहराना बिल्कुल भी उचित नहीं है।" ये टिप्पणियां तब आईं जब श्री गुटेरेस ने खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते हमलों के बीच ईरान और अमेरिका से तुरंत बातचीत फिर से शुरू करने का आग्रह किया और चेतावनी दी कि लगातार जारी लड़ाई के क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
श्री बकाई ने इस जलमार्ग के लिए सिर्फ़ "खाड़ी " शब्द के इस्तेमाल पर भी आपत्ति जताई और ज़ोर दिया कि "फ़ारसी खाड़ी" शब्द का इस्तेमाल किया जाए। उन्होंने इसके लिए संयुक्त राष्ट्र के नामकरण के तरीकों के बारे में ईरान की समझ का हवाला दिया। श्री गुटेरेस के प्रवक्ता के एक बयान में सभी पक्षों से अपील की है कि वे "अधिकतम संयम बरतें, तनाव बढ़ाने वाली कोई और कार्रवाई न करें और तनाव कम करने के लिए तुरंत कदम उठाएं।"महासचिव ने फिर कहा कि अगर बड़े पैमाने पर लड़ाई दोबारा शुरू होती है, तो इसके "क्षेत्र के लोगों" और उसके बाहर, साथ ही वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए भी विनाशकारी नतीजे होंगे। उन्होंने कहा कि लड़ाई बढ़ने और पिछले महीने हुई नाज़ुक युद्धविराम संधि के खत्म होने से ऊर्जा की कीमतें बढ़ गई हैं, जबकि ईरान और ओमान के बीच की जलसंधि से जहाज़ों की आवाजाही एक बार फिर ठप हो गई है। इस वजह से करीब 6,000 नाविक कई जहाज़ों पर फंसे हुए हैं।
संयुक्त राष्ट्र के अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (आईएमओ) के प्रमुख ने इस जलसंधि से गुज़रने से बचने की अपील की है। उन्होंने इस हफ़्ते की शुरुआत में कहा था कि "जब तक सुरक्षा की ज़रूरी शर्तें पूरी नहीं हो जातीं," तब तक ऐसा नहीं किया जाना चाहिए।
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