तेहरान , सितंबर 19 -- ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव मोहसेन रजाई ने शनिवार को कतर और पाकिस्तान के मध्यस्थों के जरिए अमेरिका के साथ बातचीत दोबारा शुरू करने और जंग के खात्मे के लिए अपनी शर्तें भेजने की पुष्टि की है।
ईरान की मेहर न्यूज एजेंसी के अनुसार श्री रजाई ने एक मीडिया संगठन को दिए साक्षात्कार में कहा कि अमेरिका को जल्द ही इन शर्तों पर अपना रुख स्पष्ट करना होगा।
इरानी सुरक्षा प्रमुख ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का ईरान को लेकर आकलन और गणित पूरी तरह गलत साबित हुआ है तथा यह युद्ध इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के उकसावे पर शुरू हुआ है। उन्होंने चेतावनी दी कि श्री ट्रम्प की धमकियों का कोई परिणाम नहीं निकलेगा और ईरान एक निर्णायक युद्ध के लिए पूरी तरह तैयार है।
श्री रजाई ने दावा किया कि ईरानी सशस्त्र बल अमेरिकी सेना की कमजोरियों से भली-भांति परिचित हैं और अमेरिकी हवाई हमलों का सामना करने के लिए अभूतपूर्व रूप से सक्षम हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका द्वारा पिछले समझौते से हटने के बाद तेहरान को वॉशिंगटन के प्रति अपनी रणनीति बदलने पर मजबूर होना पड़ा है। उन्होंने यह भी बताया कि हाल ही में ईरान ने एक अमेरिकी विमानवाहक पोत के निकट पोत-रोधी मिसाइल का सफल परीक्षण कर अपनी तैयारियों का प्रदर्शन किया है।
कतर के मध्यस्थ के जरिए अमेरिका को भेजी गई मुख्य शर्तों में सभी मोर्चों पर जारी सैन्य संघर्ष और युद्ध पर पूर्ण विराम, अमेरिका द्वारा जब्त सभी ईरानी संपत्तियों को बहाल करना और ईरानी बंदरगाहों पर लगाई गई समुद्री नाकाबंदी को तुरंत हटाना शामिल है।
रजाई ने स्पष्ट किया कि अमेरिका और इजरायल के आक्रामक कदम ईरान को 'परमाणु अप्रसार संधि' से बाहर निकलने का आधार प्रदान करते हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि ईरान ने अभी तक एनपीटी छोड़ने का अंतिम निर्णय नहीं लिया है और यह पूरी तरह अमेरिका के आचरण पर निर्भर करेगा।
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