तेहरान , जुलाई 13 -- ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में एक अस्थायी सुरक्षित समुद्री कॉरिडोर बनाया है, जो तकनीकी एवं सैन्य बाधाओं से मुक्त है और इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन के अनुरूप है।
ब्रिटेन में ईरान के दूतावास ने सोमवार को यह जानकारी दी।
एक्स पर एक पोस्ट में, ईरानी दूतावास ने दावा किया कि इस इलाके में अमेरिकी सेना की आक्रामकता के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य समुद्री यातायात के लिए बहुत ज़्यादा जोखिम वाला इलाका बन गया है।
दूतावास ने अमेरिका पर ओमान के समुद्री इलाके से होकर गुज़रने वाले खतरनाक दक्षिणी समानांतर रास्ते की ओर जहाज़ों को भेजने का आरोप भी लगाया। यह आरोप जॉइंट मैरीटाइम इंफॉर्मेशन सेंटर के उस निर्देश के संदर्भ में लगाया गया है जिसमें वाणिज्यिक जहाज़ों को दक्षिणी रास्ते का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। ईरानी मिशन के अनुसार, यह रास्ता असुरक्षित, अविश्वसनीय एवं दुर्घटनाओं की आशंका वाला है।
अपने कदमों का बचाव करते हुए अमेरिका ने कहा कि हालिया सैन्य हमले जवाबी कार्रवाई के रूप में किए गए थे और ये हमले रणनीतिक जलमार्ग में चल रहे वाणिज्यिक जहाजों पर ईरान के हमलों के जवाब में किए गए थे।
यूके मैरिटाइम ट्रेड ऑपरेशंस ने हाल के दिनों में होर्मुज़ जलडमरूमध्य और उसके आसपास हुई घटनाओं की एक श्रृंखला की सूचना दी है।
गत पांच जुलाई को, एक मालवाहक जहाज़ पर मन के तट से दूर उस पर अज्ञात सशस्त्र हमलावरों ने हमला किया। एक दिन बाद, ओमान के तट से दूर एक टैंकर अज्ञात हमले की चपेट में आ गया, जिससे जहाज़ पर आग लग गई हालांकि किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली।सात जुलाई को, उसी क्षेत्र में एक अन्य टैंकर एक अज्ञात प्रक्षेप्य की चपेट में आ गया जिससे उसे संरचनात्मक क्षति पहुंची। एक अलग टैंकर पर एक मानवरहित हवाई वाहन ने हमला किया गया जिसके कारण उसे मामूली क्षति हुई। इसके बाद 12 जुलाई को ओमान के तट के पास एक कंटेनर जहाज़ पर हमले में नुकसान होने के बाद आग लग गयी जिससे क्रू को जहाज़ छोड़ना पड़ा और बाद में स्थानीय अधिकारियों ने उन्हें बचाया।
ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी ने होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर ईरान के लापरवाही भरे हमलों और बहरीन, ओमान और जॉर्डन को प्रभावित करने वाली घटनाओं की निंदा की है। हाल ही में रात भर हुई जवाबी कार्रवाई से ठीक पहले एक बयान जारी करते हुए, ई3 देशों ने इस जलमार्ग से वाणिज्यिक नौवहन को जल्द और पूरी तरह बहाल करने की मांग की।
अमेरिकी सेना ने कहा कि वाणिज्यिक जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में उसने ईरान को निशाना बनाया। वहीं, ईरान ने कुवैत, जॉर्डन और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला करके जवाबी कार्रवाई की। होर्मुज जलडमरूमध्य से समुद्री यातायात में भी भारी गिरावट आई है।
मरीनट्रैफिक नामक जहाज़-ट्रैकिंग प्लेटफ़ॉर्म के अनुसार रविवार शाम से कोई भी वाणिज्यिक जहाज़ अपनी स्थिति की जानकारी देते हुए इस जलडमरूमध्य को पार नहीं कर पाया है, हालांकि कुछ जहाज़ अपनी ट्रैकिंग प्रणाली को बंद करके इस मार्ग से गुज़रे हो सकते हैं।
ईरान के पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी के मुताबिक जलमार्ग से आवागमन फिलहाल संभव नहीं है क्योंकि उसके अनुसार क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य बलों की अवैध गतिविधियां जारी हैं।
प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार, समुद्री खुफिया कंपनी केप्लर ने दिखाया कि टैंकरों, मालवाहक जहाज़ों सहित आठ वाणिज्यिक जहाज़ों ने कल इस जलडमरूमध्य को पार किया। यह संख्या शनिवार को 21 जहाज़ों और शुक्रवार को 14 जहाज़ों की तुलना में कम थी। जलडमरूमध्य पार करने वाले आठ जहाज़ों में से केवल दो ने जलडमरूमध्य से गुजरते समय अपनी स्थिति प्रसारित की और दोनों ने ऐसा पीजीएसए की घोषणा से पहले किया। शेष छह ने जलमार्ग से गुजरते समय अपने स्थान का प्रसारण नहीं किया।
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