नयी दिल्ली/न्यूयॉर्क , मार्च 19 -- ईरान ने गुरुवार को कतर, कुवैत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) पर अमेरिकी और इजरायली हमले के लिए अपनी धरती को उपलब्ध कराने हेतु तीखा हमला बोला है और सभी प्रकार के नुकसान के लिए मुआवजे की मांग की है।
संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत और स्थायी प्रतिनिधि आमिर सईद इरावानी ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष को लिखे एक पत्र में कहा कि 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ हमले की शुरुआत के बाद से, कतर और कुछ अन्य पड़ोसी देशों के क्षेत्र का उपयोग ईरान के खिलाफ हमले करने के लिए किया गया है।
यह पत्र रियाध (सऊदी अरब) में इस्लामिक और खाड़ी देशों के 12 विदेश मंत्रियों की बैठक के बाद आया है, जिसमें पड़ोसी खाड़ी देशों पर ईरान के हमलों की कड़ी निंदा की गई थी।
श्री इरावानी ने कहा कि हमलावरों को अपनी धरती को उपलब्ध कराने के अवैध कृत्य के बारे में पहले कतर के अधिकारियों को सूचित किया था और इसे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के आधिकारिक दस्तावेज के रूप में भी प्रकाशित किया गया था।
ईरानी राजदूत ने कहा, "कतर, कुवैत और यूएई द्वारा हमलावरों को दी गई सहायता के परिणामस्वरूप, उन्होंने ईरान में हजारों नागरिकों और नागरिक ठिकानों को निशाना बनाया है।" उन्होंने कहा कि ये कार्य आपसी सम्मान और अच्छे पड़ोस के सिद्धांतों का घोर उल्लंघन हैं।
श्री इरावानी ने कहा कि ईरान, आत्मरक्षा के अपने अंतर्निहित अधिकार के तहत यह मानता है कि उस पर हमले के लिए इस्तेमाल किये जा रहे किसी भी सैन्य अड्डे को निशाना बनाना वैध है।
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