तेहरान , मई 19 -- अमेरिका को भेजे गये ईरान के ताजा शांति प्रस्तावों में सभी मोर्चों पर दुश्मनी खत्म करने , लेबनान युद्ध रोकने, ईरान के नजदीकी इलाकों से अमेरिकी सेना की वापसी और अमेरिका-इजरायल युद्ध के कारण हुई तबाही के लिए हर्जाने की मांग की गयी है।

ईरान की सरकारी संवाद समिति 'इरना' के अनुसार, इस प्रस्ताव पर पहली टिप्पणी करते हुए उप-विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने कहा कि ईरान ने सभी आर्थिक प्रतिबंधों को सामूहिक रूप से हटाने के साथ-साथ अपने रोके गये फंड को भी जारी करने की मांग की है, जो करीब दस अरब डॉलर है। इसके साथ ही देश की अमेरिकी समुद्री नाकेबंदी को भी खत्म करने को कहा है। ईरानी रिपोर्टों में बतायी गयी ये शर्तें उसके पिछले प्रस्ताव से बहुत अलग नजर नहीं आतीं, जिसे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले हफ्ते 'कचरा' बताते हुए खारिज कर दिया था।

श्री ट्रंप ने सोमवार को कहा कि ईरान की ओर से अमेरिका को नये शांति प्रस्ताव भेजे जाने के बाद उन्होंने ईरान पर हमलों को दोबारा शुरू करने की योजना को टाल दिया है। अब ईरान के परमाणु कार्यक्रम को सीमित करने वाले समझौते तक पहुंचने की 'बहुत अच्छी संभावना' है।

अभी यह स्पष्ट नहीं है कि क्या दोबारा फिर हवाई हमलों की तैयारी पूरी कर ली गयी है। होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने के लिए समझौते पर पहुंचने के दबाव के बीच श्री ट्रंप ने पहले भी यह उम्मीद जतायी थी कि संघर्ष समाप्त करने के लिए वे समझौते के करीब हैं। इसके साथ ही उन्होंने यह धमकी भी दी थी कि अगर ईरान किसी समझौते पर नहीं पहुंचता है तो उस पर व्यापक हमले किये जायेंगे।

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