वॉशिंगटन , जून 06 -- अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ जारी युद्ध को समाप्त करने के लिए अभी तक कोई अंतिम समझौता नहीं हुआ है, क्योंकि ईरानी नेतृत्व 'मजबूत' और 'स्वाभिमानी' है, लेकिन अंततः उसके पास समझौते के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा।

श्री ट्रंप ने एनबीसी न्यूज को दिये एक साक्षात्कार में कहा, " वे मजबूत हैं, वे गर्व से भरे हुए हैं। कुछ ऐसी चीजें हैं जिन्हें करने के बारे में उन्होंने कभी नहीं सोचा था, लेकिन अब उन्हें करना पड़ेगा। उनके पास कोई विकल्प नहीं है, हालांकि इसमें थोड़ा समय लगेगा। "श्री ट्रंप की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध समाप्त करने के लिए चल रही वार्ता चौथे महीने में प्रवेश कर चुकी है। अप्रैल में हुआ युद्धविराम अभी तक किसी तरह कायम है, लेकिन दोनों देशों के बीच कूटनीतिक गतिरोध बना हुआ है। हाल के दिनों में होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास दोनों पक्षों द्वारा की गयी सैन्य कार्रवाइयों के कारण तनाव फिर बढ़ गया है, जिससे युद्धविराम पर भी खतरा मंडराने लगा है।अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बुधवार को कांग्रेस के सदस्यों से कहा कि ट्रंप प्रशासन द्वारा "ऑपरेशन एपिक फ्यूरी" नाम से संचालित सैन्य अभियान समाप्त हो चुका है। उन्होंने कहा कि इस सप्ताह की गयी अमेरिकी सैन्य कार्रवाई पूरी तरह रक्षात्मक थी और यह होर्मुज जलडमरूमध्य के निकट जहाजों पर ईरानी हमलों के जवाब में की गयी।

श्री रुबियो ने कहा, " अपनी सेनाओं की सुरक्षा के लिए हम केवल ड्रोन को नहीं, बल्कि उन्हें लॉन्च करने वालों को भी निशाना बनाते हैं। यदि वे जहाजों पर हमला नहीं करेंगे तो हम भी कार्रवाई नहीं करेंगे, लेकिन जवाब देना हमारी मजबूरी है।"श्री ट्रंप और उनकी रिपब्लिकन सरकार लगातार यह दावा करती रही है कि इजरायल के साथ मिलकर ईरान पर की गयी सैन्य कार्रवाई उसके परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम को रोकने के लिए आवश्यक थी। अमेरिकी आकलनों के अनुसार ईरान के परमाणु और मिसाइल ढांचे को नुकसान पहुंचा है, लेकिन उसकी बड़ी मात्रा में उच्च संवर्धित यूरेनियम की उपलब्धता और हजारों ड्रोन एवं मिसाइलों का भंडार अब भी उसकी सैन्य क्षमता को बनाये हुए है।युद्ध के कारण वैश्विक और अमेरिकी बाजारों में तेल एवं गैस की कीमतों में भारी वृद्धि हुई है। होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यवधान के चलते अमेरिका पर संघर्ष को समाप्त करने का दबाव बढ़ रहा है।

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