वाशिंगटन , अगस्त 06 -- अमेरिका के उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस ने गुरुवार को कहा कि ईरान के साथ बातचीत आसान नहीं होगी और इसमें समय लग सकता है। उन्होंने कहा कि ईरान की राजनीतिक व्यवस्था में मतभेद हैं। अमेरिका ऐसा समझौता चाहता है, जिससे उसके हित सुरक्षित और मजबूत हों।

श्री वेंस ने कहा कि अमेरिका इस मामले को अपने हितों के अनुसार हल करने के लिए सैन्य, आर्थिक और कूटनीतिक समेत सभी विकल्पों का इस्तेमाल करेगा।

श्री वेंस का यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान ने अमेरिका के साथ किसी भी औपचारिक बातचीत से इनकार कर दिया है। ईरान के उप विदेश मंत्री काज़ेम ग़रीबाबादी ने कहा कि ईरान ने अभी यह फैसला नहीं किया है कि अमेरिका के साथ हुए समझौता ज्ञापन को लागू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए या नहीं।

फॉक्स न्यूज को दिए एक साक्षात्कार में, अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने स्वीकार किया कि संघर्ष को सुलझाने के प्रयासों में कई अड़चनें और अनिश्चितताएं आएंगी। उन्होंने कहा, "मेरा मानना है कि हम अंततः जहां भी पहुंचेंगे, वह प्रक्रिया थोड़ी उलझन भरी होगी और वहां तक पहुंचने में कुछ समय लगेगा।"श्री वेंस ने कहा कि ईरान के नेतृत्व के भीतर आंतरिक मतभेदों ने बातचीत को और अधिक कठिन बना दिया है। उन्होंने कहा, "वास्तविकता यह है कि पहली बात तो यह है कि ईरानी लोग बेहद कठिन स्वभाव के हैं। दूसरी बात, उनकी व्यवस्था बंटी हुई है।"अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने कहा, "उनकी व्यवस्था में कुछ ऐसे लोग भी हैं जो चाहते हैं कि युद्ध समाप्त हो जाए, वहीं कुछ ऐसे सिरफिरे कट्टरपंथी भी हैं जो चाहते हैं कि युद्ध जारी रहे।" उन्होंने कहा कि अमेरिका का उद्देश्य उन मतभेदों के बीच से रास्ता निकालते हुए अमेरिकी लोगों के लिए सबसे अच्छा संभव परिणाम हासिल करना है।

श्री वेंस ने कहा, "हमारा काम इस स्थिति से पार पाना और अमेरिकी जनता तथा अमेरिका के राष्ट्रपति, दोनों के लिए बेहतरीन परिणाम सुनिश्चित करना है।"उपराष्ट्रपति ने बातचीत पूरी होने से पहले ही उस पर कोई अंतिम राय कायम करने के प्रति आगाह किया। उन्होंने कहा, "लेकिन हम अभी खेल के बीच में हैं, और मुझे लगता है कि लोग यह पहले से ही तय करने की कोशिश कर रहे हैं कि इसका परिणाम क्या होगा।"श्री वेंस ने अनुमान जताया कि ऊर्जा बाजार अंततः स्थिर हो जाएंगे, तेल की कीमतें नीचे आएंगी और कम ही रहेंगी। उन्होंने कहा, "तेल की कीमतें नीचे आएंगी और नीचे ही बनी रहेंगी। ईरान के पास कभी भी परमाणु हथियार नहीं होगा, और अमेरिका अधिक मजबूत स्थिति में होगा।"इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने को लेकर बातचीत में काफी प्रगति हुई है। उन्होंने संकेत दिया कि इस बारे में जल्द ही घोषणा की जा सकती है।

श्री ट्रम्प ने फिर दावा किया कि अमेरिका सप्ताहांत में ईरान पर बड़ा सैन्य हमला करने की तैयारी कर रहा था, लेकिन बाद में उन्होंने इस अभियान को रोक दिया और बातचीत का नया दौर शुरू करने की घोषणा की।

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