वाशिंगटन , अक्टूबर 25 -- अमेरिका ने पश्चिम एशिया में अपने सरकारी कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ने के बीच कुछ राजनयिक मिशनों से कर्मियों तथा उनके परिवारों को हटाना शुरू कर दिया है। खुफिया चेतावनियों में ईरान की ओर से संभावित हमलों की आशंका जताई गई है। इस बीच, अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान पर नए हमले किए जाने की आशंका भी बढ़ रही है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ नए सैन्य अभियान की संभावना के संकेत दिए हैं, जबकि ईरान ने चेतावनी दी है कि किसी भी नए हमले का करारा जवाब दिया जाएगा।

रिपोर्टों के अनुसार, राष्ट्रीय खुफिया निदेशक जे क्लेटन की ओर से विदेश मंत्री मार्को रुबियो को भेजे गए 23 अक्टूबर के एक खुफिया ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि ईरान ने विदेशों में अमेरिकी कर्मियों को निशाना बनाने के प्रयासों में उल्लेखनीय वृद्धि की है। ज्ञापन में कहा गया है कि पश्चिम एशिया और अन्य देशों में कथित हमलों की साजिशें उन्नत चरण में पहुंच गई हैं। इस आकलन के बाद अमेरिकी राजनयिक मिशनों की सुरक्षा की समीक्षा तेज कर दी गई है।

श्री ट्रंप ने शनिवार को कहा कि अमेरिका ईरान पर 'कल' ही हमला कर सकता है या उसके साथ समझौता कर सकता है।

इसी बीच, ईरान की सेना ने दक्षिणी बंदरगाह शहर बंदर अब्बास के ऊपर एक मानवरहित विमान को मार गिराया। अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी तस्नीम ने इसे अमेरिका में विकसित एलयूसीएएस ड्रोन बताया है।

क्षेत्र में सैन्य तैयारियों के बीच 'द वॉल स्ट्रीट जर्नल' ने खबर दी है कि यूएसएस जॉर्ज वॉशिंगटन विमानवाहक पोत के स्ट्राइक ग्रुप में शामिल विमानों को तैयार किया जा रहा है। अमेरिका ने क्षेत्र में अपने राजनयिक मिशनों पर कर्मचारियों की संख्या में भी बदलाव शुरू कर दिए हैं।

अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने ईरान समर्थित हूती बलों के बढ़ते हमलों का हवाला देते हुए सऊदी अरब से गैर-आपातकालीन कर्मचारियों और सभी कर्मचारियों के परिजनों को वहां से जाने का आदेश दिया है। लेबनान, संयुक्त अरब अमीरात, कतर और जॉर्डन में अमेरिकी मिशनों पर भी अस्थायी रूप से कर्मचारियों की संख्या में बदलाव की योजना बनाई जा रही है। वहीं, कुवैत और बहरीन में ऐसे बदलाव नहीं किए गए हैं।

इन कदमों से ईरान युद्ध के शुरुआती दौर की यादें ताजा हो गई हैं, जब अमेरिकी राजनयिकों के परिवारों को अल्प सूचना पर अपने घर छोड़ने पड़े थे। कुछ परिवार हाल ही में लौटे थे और अपने बच्चों का दोबारा स्कूलों में दाखिला कराया था, लेकिन अब उन्हें फिर से जाने की तैयारी करने को कहा गया है।

एक अमेरिकी राजनयिक ने सीएनएन से कहा, "यह कहना कि स्थिति अव्यवस्थित रही है, वास्तविकता को कम करके बताना होगा।" उन्होंने परिवारों के सामने स्थानांतरण की कठिनाइयों और वित्तीय सहायता को लेकर अनिश्चितता का जिक्र किया।

विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि अमेरिकी कर्मियों और उनके परिवारों को दैनिक भत्ते के साथ आवास और बच्चों की शिक्षा के लिए सहायता दी जा रही है। भुगतान सरकार की लागू दरों के आधार पर किया जा रहा है।

सुरक्षा व्यवस्था में ये बदलाव ऐसे समय में किए जा रहे हैं, जब अमेरिका को ईरान और उसके सहयोगियों के साथ व्यापक क्षेत्रीय टकराव की आशंका है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि सऊदी अरब पर हूती हमले "तेजी से तत्काल क्षेत्र से बाहर तक फैल सकते हैं।"अमेरिकी मीडिया ने सूत्रों के हवाले से बताया कि इजरायल ने भी वाशिंगटन पर ईरान के खिलाफ तत्काल सैन्य कार्रवाई करने के लिए दबाव बनाया है, हालांकि अब तक ये प्रयास सफल नहीं हुए हैं।

इस बीच, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने विदेशी सैन्य बलों पर क्षेत्रीय सुरक्षा कमजोर करने का आरोप लगाया और पश्चिम एशिया के देशों से अपने मामलों पर अधिक नियंत्रण रखने का आह्वान किया।

श्री अराघची ने कहा, "पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य ठिकाने किसी के लिए भी शांति या सुरक्षा लाने में विफल रहे हैं।" उन्होंने तर्क दिया कि इन ठिकानों ने इसके बजाय असुरक्षा को बढ़ाया है।

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