तेहरान/बीजिंग , मई 5 -- ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची अपने चीनी समकक्ष वांग यी के साथ बातचीत करने के लिये बीजिंग की यात्रा पर जाने वाले हैं।

ईरान यह कदम संयुक्त अमेरिका-इजरायल के साथ चल रहे संघर्ष और बढ़ते क्षेत्रीय तनाव के बीच कूटनीतिक समर्थन जुटाने के लिये उठा रहा है।

ईरान के विदेश मंत्रालय के अनुसार, चर्चा "द्विपक्षीय संबंधों और क्षेत्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर केंद्रित" होगी, जिसमें युद्ध और होर्मुज जलडमरूमध्य में उत्पन्न व्यवधान प्रमुखता से शामिल होने की संभावना है। चीन ने 28 फरवरी को ईरान-अमेरिका युद्ध शुरू होने के बाद से ही अत्यंत सतर्क रुख अपनाया हुआ है।

यद्यपि कई देशों की भांति चीन ने भी ईरान पर अमेरिका और इजरायल के शुरुआती हमलों की निंदा की थी, लेकिन ईरान के साथ अपनी निकटता के बावजूद वह आश्चर्यजनक रूप से तटस्थ बना हुआ है। चीन लगातार तनाव कम करने और कूटनीतिक समाधान का आह्वान करता रहा है।

चीन ईरानी तेल का सबसे बड़ा खरीदार बना हुआ है, फिर भी इसके विशाल भंडार और ऊर्जा के विविध स्रोतों ने इसे होर्मुज जलडमरूमध्य में आए व्यवधान के बुरे प्रभावों से बचाये रखा है। ईरान ने इस मार्ग को प्रभावी रूप से उन देशों के लिये प्रतिबंधित कर दिया है जिन्हें वह "शत्रु" मानता है। यह यात्रा अमेरिका-चीन संबंधों के एक महत्वपूर्ण क्षण से पहले हो रही है, क्योंकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 14-15 मई के बीच अपने चीनी समकक्ष राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ बातचीत के लिये चीन जाने वाले हैं। 2025 में व्हाइट हाउस लौटने के बाद उनकी यह पहली चीन यात्रा होगी।

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