तेहरान , फरवरी 28 -- दक्षिणी ईरान के मिनाब में लड़कियों के एक स्कूल पर अमेरिकी-इजराइली हवाई हमलों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 60 हो गई है, जबकि 60 अन्य घायल हैं और 50 मलबे में फंसे हुए हैं। मेहर न्यूज एजेंसी ने यह जानकारी दी।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा, "नष्ट हुई इमारतें ईरान के दक्षिण में लड़कियों का एक प्राथमिक स्कूल का हिस्सा हैं। इस पर दिनदहाड़े तब बमबारी की गई, जब यहां बच्चे जमा थे। अकेले इसी जगह पर दर्जनों मासूम बच्चों की हत्या की गई है। ईरानी लोगों के खिलाफ इन अपराधों का जवाब दिया जाएगा।"होर्मोजगन प्रांत में लड़कियों के स्कूल पर कई अमेरिकी-इजराइली हवाई हमलों के बीच यह हमला हुआ, जिनकी रिपोर्ट पहले तेहरान में और बाद में पूरे देश में हुई। गौरतलब है कि मिनाब में ईरान के पैरामिलिट्री रिवोल्यूशनरी गार्ड (आईआरजीसी) का बेस भी है। हमलों के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानियों से "अपनी किस्मत पर नियंत्रण करने" और 1979 से देश पर राज कर रहे इस्लामिक नेतृत्व के खिलाफ उठने की अपील की।
इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी यही बात दोहराते हुए कहा, "हमारा संयुक्त अभियान ईरान के बहादुर लोगों को अपनी किस्मत अपने हाथों में लेने के हालात बनाएगा।"सरकारी मीडिया के मुताबिक अमेरिकी-इजराइली हमलों के जवाब में ईरान के आईआरजीसी ने पश्चिम एशिया में चार अमेरिकी सैन्य बेस पर मिसाइल हमले किए। लक्ष्य किए गए बेस में अल उदीद एयर बेस (कतर), अल सलेम एयर बेस (कुवैत), अल धफरा एयर बेस (यूएई), और अमेरिका के फिफ्थ फ्लीट मुख्यालय (बहरीन) शामिल थे।
पेंटागन और अमेरिका के रक्षा विभाग ने इस संयुक्त अभियान को "ऑपरेशन एपिक फ्यूरी" नाम दिया है। पिछले साल ईरानी परमाणु सुविधाओं के खिलाफ इसी तरह के एक हमले का कोडनेम "ऑपरेशन मिडनाइट हैमर" था। राष्ट्रपति ट्रंप ने घोषणा की कि अमेरिका ने ईरान के खिलाफ "बड़े अभियान" शुरू कर दिए हैं और देश की सैन्य क्षमताओं को कम करने और उसके परमाणु कार्यक्रम को खत्म करने का वादा किया है। श्री ट्रंप ने सोशल मीडिया के वीडियो में ईरान पर परमाणु महत्वाकांक्षाओं को छोड़ने के सभी मौकों को ठुकराने का आरोप लगाया और कहा कि अमेरिका अब और बर्दाश्त नहीं कर सकता।
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