लंदन , मई 11 -- होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यापार को सुरक्षित रूप से शुरू करने के इरादे से सैन्य नियोजन पर चर्चा करने के लिए ब्रिटेन और फ्रांस मंगलवार से 40 देशों के विदेश मंत्रियों की मेज़बानी करेंगे।
ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, रक्षा सचिव जॉन हीली और फ्रांस की रक्षा मंत्री कैथरीन वॉट्रिन इस बैठक की अध्यक्षता करेंगे। यह इस बहुराष्ट्रीय समुद्री मिशन की पहली रक्षा मंत्री बैठक होगी। इस बीच, ईरान ने सभी देशों को होर्मुज में अपने युद्धपोत उतारने के खिलाफ चेतावनी दी है। ईरान के उप-विरेध मंत्री काज़म ग़रीबाबादी ने ब्रिटेन एवं फ्रांस को चेतावनी दी है कि अगर वे होर्मुज जलडमरमूध्य के पास अपने युद्धपोत तैनात करते हैं तो स्थिति तनावपूर्ण हो सकती है।
ब्रिटेन ने पिछले सप्ताह यह ऐलान किया था कि वह पश्चिम एशिया में एचएमएस ड्रैगन को एक 'पूर्णतः रक्षात्मक' मिशन के तहत तैनात करेगा। इस तैनाती का उद्देश्य समुद्री बारूदी सुरंगों को होर्मुज से निकालना और क्षेत्र में व्यवसायिक नौवहन को बहाल करना होगा।
इस बीच, फ्रांस ने पुष्टि की कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य में संभावित सुरक्षा अभियान की तैयारी के तहत अपना नौसैनिक बेड़ा लाल सागर में तैनात कर दिया है। फ्रांस और ब्रिटेन होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय गठबंधन बनाने की कोशिश में सबसे आगे हैं। साथ ही ये देश इस मिशन में वैश्विक भागीदारी का आह्वान भी करते रहे हैं।
श्री हीली ने कहा कि एचएमएस ड्रैगन को रवाना किया गया है ताकि जरूरत पड़ने पर ब्रिटेन मिशन का समर्थन करने की स्थिति में हो। फ्रांस और ब्रिटेन ने अप्रैल में संयुक्त रूप से एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया था, जिसमें 51 देश होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा एवं स्वतंत्रता की स्थिति पर चर्चा के लिए साथ आये थे।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित