आगरा , मार्च 10 -- मध्य पूर्व में जारी ईरान-इजरायल युद्ध का असर अब आगरा के संगमरमर हथकरघा उद्योग पर भी पड़ने लगा है। मध्य-पूर्वी देशों के ग्राहकों ने करोड़ों रुपये के ऑर्डर फिलहाल रोक दिए हैं, जिससे आगरा का मार्बल हैंडीक्राफ्ट कारोबार लगभग ठप पड़ गया है। कारोबारियों के अनुसार फैक्ट्रियों में काम बंद होने की स्थिति बन गई है और हजारों कारीगरों व मजदूरों को काम मिलना बंद हो गया है। आगरा से हर साल करोड़ों रुपये का मार्बल हैंडीक्राफ्ट माल निर्यात किया जाता है, जिसका बड़ा बाजार मध्य-पूर्वी देशों में रहा है।

व्यापारियों का कहना है कि इन देशों के बड़े कारोबारी आगरा से बड़ी मात्रा में मार्बल हैंडीक्राफ्ट मंगाते रहे हैं, लेकिन युद्ध की स्थिति के कारण नए ऑर्डर मिलने बंद हो गए हैं। साथ ही पहले से मिले कई ऑर्डर भी फिलहाल रोक दिए गए हैं, जिससे अधूरे तैयार माल में कारोबारियों के करोड़ों रुपये फंसे हुए हैं।

उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि कारोबार दोबारा पटरी पर कब लौटेगा, यह अभी कहना मुश्किल है। उनका मानना है कि जब तक युद्ध की स्थिति समाप्त होकर हालात सामान्य नहीं होते, तब तक व्यापारियों और कारीगरों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ेगा।

उल्लेखनीय है कि आगरा में ताज महल की तर्ज पर संगमरमर पर पच्चीकारी की पारंपरिक कला सदियों से चली आ रही है। कारीगर संगमरमर पर बारीक नक्काशी कर विभिन्न आकृतियां बनाते हैं, जिनकी विदेशों में विशेष मांग रहती है।

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