तेहरान , अप्रैल 30 -- पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ईरान के वरिष्ठ नौसैनिक कमांडर शाहराम ईरानी ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि अमेरिकी सैन्य गतिविधियां और आगे बढ़ीं तो तेहरान "त्वरित कार्रवाई" करेगा।

ईरानी सरकारी मीडिया और क्षेत्रीय रिपोर्टों के अनुसार यह बयान ऐसे समय में आया है जब होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर सैन्य और आर्थिक टकराव लगातार गहरा रहा है।

कमांडर ईरानी ने अमेरिकी त्वरित सैन्य सफलता की धारणाओं को खारिज करते हुए कहा कि ईरान के खिलाफ कुछ दिनों में युद्ध समाप्त करने की सोच अब "सैन्य हलकों में उपहास" का विषय बन चुकी है। उन्होंने कहा कि ईरानी बल किसी भी संभावित विस्तार के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

रिपोर्टों के अनुसार ईरानी पक्ष ने संकेत दिया है कि अब तक संयम बनाए रखने का उद्देश्य कूटनीति के लिए अवसर खुला रखना था, लेकिन यदि अमेरिकी नाकेबंदी और दबाव जारी रहता है तो प्रतिक्रिया अधिक कठोर हो सकती है।

दूसरी ओर, अमेरिकी केंद्रीय कमान ने दावा किया है कि उसकी समुद्री नाकेबंदी रणनीति प्रभावी रही है। अमेरिकी सैन्य अधिकारियों के अनुसार कई वाणिज्यिक जहाजों को रोका या उसका रास्ता बदला गया है और ईरानी तेल निर्यात पर महत्वपूर्ण आर्थिक दबाव डाला गया है।

केंद्रीय कमान के कमांडर ब्रैड कूपर ने कहा, "आज, अमेरिकी सेनाओं ने एक अहम उपलब्धि हासिल की, जब उन्होंने नाकेबंदी तोड़ने की कोशिश कर रहे 42वें वाणिज्यिक जहाज़ को सफलतापूर्वक वापस भेज दिया। यह उस बेहतरीन काम का सबूत है जो अमेरिका के बेटे-बेटियां, अपनी वर्दी में, समुद्री व्यापार को ईरानी बंदरगाहों में आने या वहां से बाहर जाने से रोकने के लिए कर रहे हैं।"उन्होंने कहा कि लगभग 6.9 करोड़ बैरल कच्चा तेल ले जा रहे 41 तेल टैंकर अभी भी बाज़ारों तक पहुंचने में असमर्थ हैं, जिससे ईरान को अनुमानित छह अरब अमेरिकी डॉलर के राजस्व का नुकसान हुआ है।

दूसरी ओर, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी हाल के दिनों में नाकेबंदी को अपनी रणनीतिक सफलता बताया है, जबकि अमेरिकी प्रशासन ईरान के परमाणु कार्यक्रम और समुद्री मार्ग नियंत्रण को लेकर सख्त रुख बनाए हुए है।

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